नए समाचार

रोखठोक : भाजपा की खोखली ‘नारी वंदना’

संजय राऊत महिलाओं पर अत्याचार, लैंगिक शोषण के अनगिनत अपराधों के कारण महाराष्ट्र में हाहाकार मचा हुआ है। महाराष्ट्र में कानून का शासन है, ऐसा...

संपादकीय : नरक क्या है?.. यही!

राष्ट्रपति ट्रंप ने कभी न कहा हो ऐसा ज्वलंत सत्य बयां किया और जिक्र किया है कि भारत में वैâसी अफरातफरी मची है। ट्रंप...

संपादकीय : ट्रंप कृत भारत का अपमान… मोदी का स्वाभाविक मौन!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बेतुकी बयानबाजी, एक ही सिक्के के दो पहलू बन गए हैं। अमेरिका जैसी वैश्विक महाशक्ति के राष्ट्रपति को बोलते...

संपादकीय : पहलगाम हत्याकांड की बरसी… क्या न्याय हुआ?

पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में हुए भीषण आतंकवादी हमले को बुधवार को एक वर्ष पूरा हो गया। यह राक्षसी हमला भारत के माथे पर एक रिसता...

मुख्य समाचार

लड़कियों के साथ करता था ‘गंदी बात’…शिकंजे में साइकोपैथ!.. टारगेट पर थीं ४ युवतियां… मुंबईकर बोले, ‘फांसी दे दो’

फिरोज खान / मुंबई मुंबई पुलिस ने एक ऐसे सेक्स साइकोपैथ (मनोरोगी) को गिरफ्तार किया है, जो लड़कियों को अश्लील मैसेज और नग्न तस्वीरें भेजकर...

रोखठोक : भाजपा की खोखली ‘नारी वंदना’

संजय राऊत महिलाओं पर अत्याचार, लैंगिक शोषण के अनगिनत अपराधों के कारण महाराष्ट्र में हाहाकार मचा हुआ है। महाराष्ट्र में कानून का शासन है, ऐसा...

मुंबई में फिर भड़क सकता है गैंगवॉर…२७ साल बाद मौत का बदला!..डी. कंपनी और राजन गैंग फिर आमने-सामने

फिरोज खान / मुंबई मुंबई में फिर एक बार गैंगवॉर की आग भड़कने की आशंका व्यक्त की जा रही है। गत २७ वर्षों से अंडरवर्ल्ड...

टिकट की जंग में ‘जुगाड़’ का खेल…‘विप’ की एक सीट, एक दर्जन दावेदार!

-दादा गुट के भीतर सियासी तूफान वीडियो लॉबिंग से गरमाई राजनीति सामना संवाददाता / मुंबई विधान परिषद सीट के टिकट की जंग अब खुलकर ‘जुगाड़’ के...

वाह रे महायुति सरकार…विकास के नाम पर अब बिकेगा मैदान!

-बिल्डरों को जमीन  सौंपने की रची साजिश -३० फीसदी जगह में  बनेगा ५ स्टार होटल रामदिनेश यादव / मुंबई विकास के नाम पर मुंबई को बेचने की...

उद्धव ठाकरे से मुलाकात की चर्चा मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया खंडन!

सामना संवाददाता / मुंबई राज्य में होने वाले विधान परिषद चुनावों की पृष्ठभूमि में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच मुलाकात होने...

भारतीय रेल : साहित्य से सिनेमा तक

 डॉ रवीन्द्र कुमार पहले पहल जब भारत में रेल चलना शुरू हुई, तब क्या अधिकारी क्या सुपरवाइज़र सभी अंग्रेज़ ही होते थे। धीरे-धीरे रेल नेटवर्क...

रिपोर्टर डायरी : बर्फ का खेल, बीमारी का मेल

सुनील ओसवाल दोपहर की तपती धूप जब शहर की सड़कों को तवे की तरह झुलसा देती है, तब इंसान सबसे पहले राहत की तलाश करता...

मुलाकात : `मेरे फेफड़े कट रहे हैं..!’…कौन सुनेगा मुंबई की चीख?

-चमकती इमारतों के साए में सिसकते शहर की कहानी मनमोहन सिंह अरे...कौन हो तुम इतनी रात..? तुम्हें तो अपने घर होना चाहिए, घर तो है न...

पुस्तक समीक्षा : समयचक्र-लेखन के माध्यम से स्वयं की पहचान

हेमलता त्रिपाठी "शब्दों में भाव रखना/ अंधेरे में दीप जलाने जैसा है। दूसरों की आवाज पढ़कर/ मैंने अपनी धुन पाई। शायद ये शब्द तुम्हारे लिए...