राधेश्याम सिंह / पालघर
मार्च महीने में जिले (पालघर ग्रामीण) में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में 15 लोगों की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में मरने वालों की सबसे अधिक संख्या युवा वर्ग की है तथा दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या माता-पिता और पुलिस बल के लिए चिंता का विषय है।
अधिकतर दुर्घटना सड़कों की खराब हालत, तेज गति से वाहन चलाना और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है। पालघर जिले के बोईसर, सफाले, मनोर, तारापुर, दहानू, घोलवाड़, तलासरी, कासा, विक्रमगढ़, जव्हार, मोखाडा और वाडा पुलिस थाना क्षेत्र में मार्च महीने में सड़क दुर्घटनाओं में 20 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 15 की मौत दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में हुई। दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में मरने वाले युवाओं की संख्या हर महीने बढ़ रही है। सड़क दुर्घटनाओं के बारे में नागरिकों में जागरूकता पैदा करने के लिए जन संवाद अभियान और पालघर जिला परिवहन शाखा द्वारा हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जाता है। इसमें वाहन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियों, यातायात नियमों का पालन करने और दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट पहनने के बारे में जागरूकता पैदा की जाती है। यह देखा गया है कि वाहन चालकों द्वारा नियमित रूप से यातायात नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। तेज गति से वाहन चलाना, नशे में वाहन चलाना, सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों की खराब स्थिति दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण हैं, जिनमें मुख्य रूप से 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं की सड़क दुर्घटना में मौत हो रही है।
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में विभिन्न कंपनियों के दोपहिया वाहन आसानी से बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। दोपहिया वाहन मासिक किस्तों पर आसानी से खरीदे जा सकते हैं, इसलिए युवा बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन खरीदते नजर आ रहे हैं। हालांकि, कई लोग दोपहिया वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण की अनदेखी करते हुए लापरवाही से दोपहिया वाहन चलाते नजर आ रहे हैं और इस वजह से दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पालघर जिला परिवहन शाखा के कर्मचारियों द्वारा यातायात नियमों का पालन न करने वाले दोपहिया वाहन चालकों के खिलाफ नियमित दंडात्मक कार्रवाई करने का अभियान चलाया जा रहा है।