मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
जामा मस्जिद के सर्वे के दाैरान हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संभल जाने की सूचना से यूपी प्रशासन के हाथ-पांव फूल गये हैं। इस खबर की जरा सी हवा फैली तो पुलिस ने हाईवे पर नाकाबंदी कर दी। दिल्ली से आने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। हसनपुर एसडीएम सुनीता सिंह, सीओ श्वेताभ भास्कर और इंस्पेक्टर सुधीर कुमार के नेतृत्व में थाना पुलिस ने ब्रजघाट पुलिस चौकी के सामने बैरियर लगा कर वाहनों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलने पर स्थानीय खुफिया विभाग भी लगातार घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए हैं। संभल में हिंसा के बाद की स्थिति तनावपूर्ण शांति में बदल चुकी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “संभल, उत्तर प्रदेश में हालिया विवाद पर राज्य सरकार का पक्षपात और जल्दबाज़ी भरा रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंसा और फायरिंग में जिन्होंने अपनों को खोया है उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। प्रशासन द्वारा बिना सभी पक्षों को सुने और असंवेदनशीलता से की गई कार्रवाई ने माहौल और बिगाड़ दिया और कई लोगों की मृत्यु का कारण बना – जिसकी सीधी जिम्मेदार भाजपा सरकार है।भाजपा का सत्ता का उपयोग हिंदू-मुसलमान समाजों के बीच दरार और भेदभाव पैदा करने के लिए करना न प्रदेश के हित में है, न देश के। मैं सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर न्याय करने का अनुरोध करता हूं। उन्होंने आगे कहा, “मेरी अपील है कि शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखें। हम सबको एक साथ जुड़ कर यह सुनिश्चित करना है कि भारत सांप्रदायिकता और नफ़रत नहीं, एकता और संविधान के रास्ते पर आगे बढ़े।”