मुख्यपृष्ठनए समाचारबीएचयू में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर मचे बवाल पर...

बीएचयू में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर मचे बवाल पर बोलीं परीक्षा नियंता प्रो. सुषमा घिल्डियान…कहा-समीक्षा के लिए गठित समिति कर रही जांच

उमेश गुप्ता / वाराणसी

बीएचयू में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितता और प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। पिछले दिनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने परीक्षा नियंता कार्यालय पर धरना दिया था, इसके साथ ही वीसी आवास के बाहर बैठे छात्र शिवम ने भी पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया है। शिवम को सांसद वीरेंद्र सिंह, चंद्रशेखर आजाद के आलावा यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का साथ मिला है। इस पूरे मामले में पीएमओ ने संज्ञान भी मिला है।
बुधवार को विवि के जनसम्पर्क कार्यालय में एचडी प्रवेश प्रक्रिया 2024-25 परीक्षा नियंता प्रो. सुषमा घिल्डियान ने मिडिया से बातचीत की। बताया कि पीएचडी प्रवेश 2024-25 के अंतर्गत अभी तक रेट-मेन श्रेणी में 354, रेट-एलाइड में 55, रेट-मुक्त मेन श्रेणी में 239 तथा रेट-मुक्त एलाइड श्रेणी में 26 सीटों पर प्रवेश हो चुके हैं। इस प्रकार कुल 654 सीटों पर प्रवेश हो चुके हैं। अभी अधिकांश विभागों ने प्रवेश परिणाम घोषित नहीं किए हैं। ऐसे विभागों को शिक्षण अनुभाग की ओर से परिणाम को शीघ्र प्रकाशित करने के लिए पुनः अनुरोध भेजा गया है।
प्रो. सुषमा घिल्डियान ने बताया कि विश्ववि‌द्यालय के कुछ विभागों के छात्रों द्वारा व्यक्तिगत अथवा सामूहिक रूप से पीएचडी प्रवेश में अनियमितता से संबंधित कुछ शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विश्वविद्यालय नियमानुसार, प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि किसी भी छात्र के हितों की अनदेखी किये बगैर पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूर्ण की जा सके। इसी क्रम में विश्ववि‌द्यालय द्वारा पीएचडी प्रवेश के लिए समावेशन अध्ययन केंद्र में पात्रता मानदंड की समीक्षा हेतु एक समिति का गठन किया गया है, जो सक्रिय रूप से समीक्षा कर रही है और इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अन्य समाचार