मुख्यपृष्ठनए समाचारप्रोजेक्ट पड़ताल : जेवीएलआर पर सफर करना जानलेवा!

प्रोजेक्ट पड़ताल : जेवीएलआर पर सफर करना जानलेवा!

ब्रिजेश पाठक
-सड़क की हालत खस्ता, ट्रैफिक जाम की समस्या बरकरार
– ३५ से ४० मिनट के सफर में लगता है डेढ़ घंटे
जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (जेवीएलआर) प्रोजेक्ट लगभग २२२ करोड़ की लागत से बनाया गया था। इस सड़क का उद्देश्य पश्चिम एक्सप्रेस हाइवे से पूर्वी एक्सप्रेसवे को जोड़कर यात्रा सुगम करना है, लेकिन जमीनी पड़ताल करने के बाद पता चला है कि जेवीएलआर की हालत जर्जर है। इस वजह से वाहनों की रफ्तार धीमी है और सुबह व शाम ट्रैफिक की हालत बद से बदतर होती नजर आ रही है।
पड़ताल करने पर पता चला है कि यहां से यात्रा करने वाले वाहन चालक परेशान और गुस्से में रहते हैं, क्योंकि भले ही यात्रा छोटी हो, लेकिन १५ मिनट की यात्रा भारी ट्रैफिक जाम के कारण ४० से ४५ मिनट से ज्यादा समय ले रही है। यह ट्रैफिक जाम मेट्रो से जुड़े निर्माण कार्यों, खराब सड़क और अधिकारियों द्वारा यातायात प्रबंधन की कमी के कारण हो रहा है।
जेवीएलआर पूर्वी एक्सप्रेस हाइवे के लिए भी ट्रैफिक समस्याएं पैदा कर रहा है। यह पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों का एक प्रमुख कनेक्टर भी है। जब ट्रैफिक एक बिंदु पर रुकता है तो बैकलॉग ट्रैफिक बन जाता है, जो हर उस रास्ते को प्रभावित करना शुरू कर देता है, जो इससे जुड़ा हुआ है। टैक्सी चालक अमित शुक्ला ने बताया कि आमतौर पर जोगेश्वरी से विक्रोली पहुंचने के लिए ३५ से ४० मिनट का समय लगता है, लेकिन ट्रैफिक की वजह से यह सफर करीब एक से डेढ़ घंटा का हो जाता है।
रख-रखाव की जिम्मेदारी
एमएमआरडीए ने सड़क बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली, लेकिन सड़क के रख-रखाव पर प्रशासन का ध्यान नहीं है। सड़क पर जगह-जगह पर पैचवर्क किया गया है। वहीं कई जगहों पर गड्ढे हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

सड़क को दुरुस्त कराना जरूरी
बाइक सवार इंद्रजीत वर्मा ने बताया कि इस सड़क पर गड्ढे व पैचवर्क के कारण संतुलन बिगड़ जाता है। कई बार वह दुर्घटना का शिकार होते-होते बचे हैं। जेवीएलआर को प्रशासन अनदेखा कर रहा है, तुरंत इस पर ध्यान देकर सड़क को दुरुस्त करने की जरूरत है।

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