एक रुपया भी नहीं देंगे मुंबईकर
सामना संवाददाता / मुंबई
महानगर मुंबई को महायुति सरकार ने गड्ढे में डाल दिया है और अब मुंबईकरों पर कचरा कर लगाकर सरकार ‘अडानी कर’ वसूलना चाहती है। सरकार इससे अपनी तिजोरी भरना चाहती है। महायुति सरकार पर ऐसा जोरदार हमला शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व विधायक आदित्य ठाकरे ने किया। आदित्य ठाकरे ने कल एक प्रेस काॅन्फ्रेंस कर मुंबई मनपा के कामकाज को लेकर भाजपा और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा के मालिकों की सेवा करने के लिए यह कर मुंबईकरों पर जबरन थोपा जा रहा है। इसलिए हर मुंबईकर और मुंबई प्रेमी जनता को इस अडानी कर का विरोध करना होगा। शिवसेना यह कर मुंबईकरों पर लदने नहीं देगी। मुंबईकर एक रुपया भी कचरा कर नहीं भरेगा, ऐसी अपील उन्होंने की।
सभी मुंबईकरों को करना चाहिए कड़ा विरोध
कचरा कर मंजूर नहीं!
आदित्य ठाकरे की दो टूक
महायुति सरकार ने मुंबईकरों पर कचरा कर लगाने का पैâसला किया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व विधायक आदित्य ठाकरे ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि मुंबई के नागरिकों से ठोस कचरा प्रबंधन के नाम पर कर वसूला जाएगा और इस कर का सभी मुंबईकरों को कड़ा विरोध करना चाहिए।
मुंबईकरों को मुंबई मनपा को लिखित सूचना भेजकर बताना चाहिए कि हम इस कर का विरोध कर रहे हैं और एक भी रुपया नहीं देंगे। आदित्य ठाकरे ने कहा कि जब हमारी सत्ता मुंबई मनपा में थी, तब हमने ५०० स्क्वायर फीट तक के घरों का प्रॉपर्टी टैक्स माफ किया था, लेकिन यह देवेंद्र फडणवीस की ‘अप्रैल फूल सरकार’ अब ५०० स्क्वायर फीट के घरों पर भी ठोस कचरा प्रबंधन शुल्क के रूप में हर महीने १०० रुपए वसूलने वाली है। धीरे-धीरे यह शुल्क और बढ़ाया जाएगा।
मुंबईकरों से अपील
मैं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष की ओर से सभी मुंबईकरों से अपील करता हूं कि वे इस कर का कड़ा विरोध करें, क्योंकि यह ‘अडानी कर’ है। शिंदे सरकार और भाजपा के मालिकों की सेवा करने के लिए यह कर थोपा जा रहा है।