सामना संवाददाता / मुंबई
अंधेरी के ओशिवरा इलाके में नागरिकों की उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया, जब हाल ही में बनी कंक्रीट की नई सड़क को फिर से तोड़ दिया गया। खबरों की मानें तो इंद्र दर्शन रोड पर तीन महीने पहले ही मुंबई मनपा ने सड़क का कंक्रीटीकरण पूरा किया था, लेकिन बुधवार को अचानक शुरू हुई खुदाई ने स्थानीय निवासियों को हैरान कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महीनों तक धूल, मलबा और असुविधा झेलने के बाद जब सड़क बनी, तब राहत मिली थी, लेकिन कुछ ही समय में फिर से बड़ी-बड़ी मशीनें और मलबे का ढेर सामने देख लोगों का धैर्य टूट गया। इस खुदाई के दौरान न तो किसी तरह के सूचना बोर्ड लगाए गए, न ही काम शुरू या खत्म होने की तारीख बताई गई।
मनपा की अनुमति के तहत बिजली कंपनी को सड़क खोदने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन सवाल यह है कि क्या समन्वय की कमी से जनता बार-बार परेशानी झेलेगी। नई बनी सड़क की गुणवत्ता की गारंटी भी नहीं है और क्या मरम्मत के बाद सड़क पहले जैसी रह पाएगी?
मनपा की नीतियों और कार्यशैली पर अब सवाल उठने लगे हैं। जब एक ही विभाग की अनुमति से सड़क बनती और फिर दूसरा विभाग उसे खोदता है तो इसका खामियाजा आम नागरिक क्यों भुगतें?
यह घटना मनपा के आंतरिक समन्वय की कमी और बिना योजना के काम की पोल खोलती है। एक तरफ विकास के दावे, दूसरी ओर बिना सोच-विचार के दोबारा खुदाई, क्या मुंबई के नागरिकों को हमेशा अधूरी योजनाओं का बोझ उठाते रहना होगा?