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गृह विभाग बना पंगु…डेली १० बच्चे किडनैप!..३८ दिन के शिशु को भी नहीं छोड़ा

फिरोज खान / मुंबई

मुंबई में नाबालिग बच्चियां और युवतियों की सुरक्षा खतरे में है, वहीं छोटे बच्चे भी अपराध का शिकार हो रहे हैं। महायुति सरकार का गृह विभाग पंगु बन चुका है, नतीजतन कहीं उनकी हत्याएं हो रही हैं, तो कहीं अपहरण हो रहे हैं। हाल ही में ४, ९ और ६ साल के बच्चों के बेरहमी से किए गए कत्ल से शहर में हड़कंप मच गया। इसके अलावा चंद महीनों के बच्चों के अपहरण की कई घटनाओं से सभी की चिंताएं बढ़ गई हैं।
आए दिन जुर्म का टार्गेट हो रहे बच्चों की वजह से परिजनों में भी डर का माहौल व्याप्त है। पिछले साल दिसंबर महीने तक शहर से २,२८५ बच्चे गायब हुए थे और प्रति दिन १० बच्चे गायब होने की शिकायतें पुलिस महकमे में दर्ज की गर्इं, इतने डरावने आंकड़े होने के बावजूद राज्य का गृह मंत्रालय सुस्त पड़ा है। देवेंद्र फडणवीस की सरकार सिर्फ एक-दूसरे पर छीटाकशी करने में व्यस्त नजर आ रही है, न ही शहर की कानून व्यवस्था सुधारने की कोई फिक्र नजर आ रही है।
कहीं किडनैप तो कहीं मर्डर!
मुंबई में बच्चों के प्रति अपराधों में काफी इजाफा हुआ है। कहीं बच्चों का किडनैप हो रहा है तो कहीं उनका मर्डर हो रहा है। ऐसे में शहर की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट नजर आ रही है।
अप्रैल को कुर्ला इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक १९ साल के लड़के ने ९ साल के बच्चे की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी। बिहार के रहने वाले आरोपी ने नाबालिग बच्चे को कुछ खिलाने का लालच दिया और सुनसान जगह ले गया, जहां आरोपी ने पहले उसके साथ अप्राकृतिक सेक्स करने की कोशिश की। बच्चे ने विरोध किया तो आरोपी ने उसका चेहरा जमीन पर बुरी तरह पटकना शुरू किया। बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसी तरह २५ मार्च को कांदिवली (पश्चिम) स्थित ईरानीवाड़ी में महज चार साल के बच्चे का अपहरण कर हत्या कर दी गई। आरोपी ने बच्चे का चेहरा पहले पानी में डुबाया और बाद में गला दबाकर उसे मार डाला।
तीन बच्चों का अपहरण
फरवरी महीने में एक रात में बोरीवली और दहिसर से तीन बच्चों का अपहरण हुआ था। इस तरह बच्चे अपराध का शिकार हो रहे हैं और परिजनों को अपने बच्चों को लेकर हर वक्त फिक्र लगी रहती है। साल २०२४ के दिसबंर महीने तक तकरीबन २,२८५ बच्चे गायब हुए थे, इनमें से कुछ बच्चों का पुलिस ने पता लगवा लिया, लेकिन सैंकड़ों बच्चों को अभी भी कोई अता-पता नहीं है। पुलिस रेकॉर्ड के मुताबिक, मुंबई में हर महीने करीब ३०० बच्चे गायब होने की शिकायतें दर्ज होती हैं।

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