मन नहीं मिलता हमारा
पर कुंडली में गुण सारे मिल रहे
करो सब प्रार्थना
सफल यह परिणय रहे।
कुल गोत्र भी सब उच्च है
रंग रूप में भी किंचित
हम एक दूसरे से न कम रहें
करो सब प्रार्थना
सफल यह परिणय रहे।
नक्षत्र की गणनाएं हैं बराबर
मांगलिक दोष का भी परिहार है
वर वधु के बहुत ही अलग संस्कार हैं
बहुत अच्छी है नौकरी
परिवार में प्राणी भी मात्र चार हैं
पद, प्रतिष्ठा, डिग्रियां सब बहुत ही शानदार हैं
सोच नहीं मिलती हमारी
वैसे सुविधाओं का अंबार है
वर और कन्या के बहुत अलग विचार हैं
एक दूसरे से निभाने का अब
निरंतर प्रयत्न कर रहे
करो सब कामना
सफल यह परिणय रहे
लेप हल्दी का लगा तन पर
घाव मन के भर रहे
करो सब कामना
सफल यह परिणय रहे
साथ इनका सात जन्मों तक न सही
जिंदगी भर चलता रहे
करो सब प्रार्थना
सफल यह परिणय रहे
एक दूसरे के प्रति पूर्ण समर्पण का
कुशल यह अभिनय रहे
करो सब प्रार्थना
सफल यह परिणय रहे।
-प्रज्ञा पांडेय मनु
वापी-गुजरात