कैबिनेट की बैठक में हुआ निर्णय, नौकरी सृजन का दावा
सामना संवाददाता / मुंबई
यूपी के लखनऊ की तरह मुंबई में भी राज्य सरकार टैक्सी और ऑटो रिक्शा की तर्ज पर बाइक सेवा शुरू करना चाहती है। इस योजना के लिए पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ई-बाइक के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है। सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से मनपा चुनाव को देखते हुए लिया गया है, ऐसा आरोप लग रहा है। चूंकि मौजूदा समय में ईवी वाहनों के लिए ही चार्जिंग पॉइंट काफी कम हैं। ऐसे में ई-बाइक के लिए चार्जिंग की व्यवस्था किए बिना ही इस योजना को लागू करने पर जोर देना सरकार के मंसूबों को दर्शाता है।
बता दें कि राज्य की महायुति सरकार की कैबिनेट बैठक में ई-बाइक सेवा के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, लेकिन इसमें चार्जिंग पॉइंट का जिक्र नहीं किए जाने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ई-बाइक सेवा के लिए कोई नया चार्जिंग पॉइंट नहीं देगी। साथ ही कुछ चुनिंदा कंपनियों को ही इस सेवा में उतरने का मौका मिलेगा। ईवी वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट मनपा ने कुछ ठिकानों पर बनाए हैं, लेकिन वह चार्जिंग ऐसी जगहों पर बने हैं कि वहां जाने में ही काफी समय लग जाता है। साथ ही घंटों की चार्जिंग सिस्टम के चलते समस्या होती है। ऐसे में ई-बाइक के लिए चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था किए बिना ही सरकार ने इस सेवा को शुरू करने की घोषणा कर दी है।
टैक्सी- ऑटो सेवा होगी प्रभावित
टैक्सी यूनियन नेता नंदलाल पांडे ने बताया कि चुनावी फायदे के लिए मुंबई में ई-बाइक सेवा शुरू की जा रही है, जबकि दूसरी तरफ देखें तो मुंबई में ई-बाइक के लिए चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि मुंबई में टैक्सी और ऑटो रिक्शा वाले पहले से तंगहाली में जी रहे हैं। अब बाइक सेवा शुरू होने पर टैक्सी-ऑटो रिक्शा सेवा प्रभावित होगी।
क्या है सरकार की योजना
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने जानकारी दी कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद परिवहन विभाग राज्य में ई-बाइक टैक्सी योजना लागू करेगा। उन्होंने बताया कि सिंगल यात्रियों को बार-बार ऑटो रिक्शा या टैक्सी के लिए तीन गुना किराया देना पड़ता था, लेकिन अब पूरे महाराष्ट्र में वे बाइक टैक्सी से सफर कर सकेंगे। इस सेवा के लिए यात्रा की सीमा १५ किमी तक रखी गई है। साथ ही, एक कंपनी को सेवा शुरू करने के लिए कम से कम ५० बाइक की आवश्यकता होगी। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमावली तैयार की जा रही है। साथ ही बारिश में यात्रियों को भीगने से बचाने के लिए केवल कवर वाली बाइकों को ही अनुमति दी जाएगी।