सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के चलते उम्मीदवारों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। क्लास दो के बहुजन कल्याण अधिकारी पद के लिए चयनित उम्मीदवारों को दो महीने बाद भी अभी तक अपॉइंटमेंट लेटर नहीं मिला है। ऐसे में आरोप लग रहे हैं कि महायुति सरकार की ढिलाई के चलते ही आयोग लापरवाह हो गया है।
उल्लेखनीय है कि एमपीएससी ने २८ जनवरी २०२५ को बहुजन कल्याण अधिकारी पद की अंतिम चयन सूची जारी की थी, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। इस देरी से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। दिलचस्प बात यह है कि इसी परीक्षा से समाज कल्याण अधिकारी पद के लिए चयनित उम्मीदवारों की सूची ४ मार्च २०२५ को जारी हुई थी। इसके बाद १७ मार्च तक उन्हें नियुक्ति पत्र मिल गया था, लेकिन बहुजन कल्याण अधिकारी पद के उम्मीदवारों को अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।
एमपीएससी ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है, जिससे उम्मीदवारों के मन में सवाल उठ रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि एमपीएससी की इस लापरवाही से भविष्य में भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हो सकता है। उम्मीदवारों के लिए यह स्थिति गंभीर है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन की दिशा तय करने के लिए इस नौकरी को प्राथमिकता दी थी। वे अपने परिवार और सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इस नौकरी पर निर्भर हैं। नियुक्ति पत्र न मिलने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है।