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भास्कर जाधव का गंभीर आरोप …ध्यानाकर्षण के लिए कितने पैसे चाहिए? …सत्ताधारी विधायक ही अध्यक्ष के कर्मचारियों से पूछ रहे थे

सामना संवाददाता / मुंबई
सत्ताधारी दल के ही विधायक विधानसभा अध्यक्ष के कर्मचारियों से पूछ रहे थे कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को सदन के कामकाज में शामिल करने के लिए कितने पैसे चाहिए? इस तरह का गंभीर आरोप शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक दल के नेता भास्कर जाधव ने लगाया। इसके अलावा उन्होंने विधानमंडल के कामकाज में गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हुए महायुति सरकार के शासन पर भी सवाल उठाए।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बड़ी संख्या में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सदन के कामकाज में शामिल हुए थे। इस पृष्ठभूमि में भास्कर जाधव ने कल सरकार को जमकर घेरा।
उन्होंने कहा कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को कामकाज में शामिल करने के लिए सत्ताधारी दल के विधायक विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों से कहते हैं कि हमारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सदन के पटल पर लाने के लिए कितने पैसे चाहिए, बताओ, पर हमारा प्रस्ताव कामकाज में शामिल करो। जाधव ने जोर देकर कहा कि मैं यह जिम्मेदारी से कह रहा हूं और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह मांग विधानसभा उपाध्यक्ष को धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान रखी। भास्कर जाधव के इन आरोपों से सत्ताधारी दल के सदस्य बेचैन हो गए और हंगामा करने की कोशिश की। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से अनुरोध किया कि इस मुद्दे को कार्यवाही से हटा दिया जाए। इस पर नार्वेकर ने आश्वासन दिया कि इस बयान की जांच की जाएगी।

भास्कर जाधव ने एक अखबार की खबर का हवाला देते हुए यह भी खुलासा किया कि सत्र के दौरान विधान भवन में प्रवेश के लिए पास १० हजार रुपए में बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जी-पे और ऑनलाइन पेमेंट के जरिए पैसे लेकर विधान भवन के पास बेचे जा रहे हैं।

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