सामना संवाददाता / भिवंडी
भिवंडी मनपा प्रशासन बकाए करों की वसूली में वर्ष 2024-25 में पूरी तरह फिसड्डी साबित हुई है। मनपा प्रशासन कड़ी मशक्कत के बावजूद टारगेट से मात्र 70 फीसदी ही वसूली कर पाई, जो अनुमान से बेहद कम है। हालांकि, इस वर्ष की वसूली पिछले वर्ष की तुलना में काफी ज्यादा है।
भिवंडी मनपा कर मूल्यांकन अधिकारी सुधीर गुरव व उपायुक्त बालकृष्ण क्षीरसागर ने बताया कि मनपा प्रशासन का शहर में कुल 634 करोड़ रुपए की संपत्ति कर बकाया राशि है, जिसमें से 477 करोड़ रुपए पिछला व 157 करोड़ रुपए चालू वित्त वर्ष का सुविधा कर बकाया है। इतना ही नहीं बकाए 477 करोड़ रुपए टैक्स पर 168 करोड़ रुपए का ब्याज लग चुका है, जिससे कुल बकाया कर 802 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। सूत्र बताते हैं कि 477 करोड़ रुपए के बकाए में लगभग 133 करोड़ रुपए की संपत्तियां विवादित या दोहरी प्रविष्टियों के कारण अटकी हुई हैं, जिससे यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। मनपा के दोनों अधिकारियों ने बताया कि बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए इस वर्ष चार बार ब्याज माफी के तहत “अभय योजना” लागू की गई। फरवरी के पहले चरण में (1 से 14 फरवरी) 100% ब्याज माफी दी गई, जिससे 19.84 करोड़ रुपए की वसूली हुई और करदाताओं को 4.98 करोड़ रुपए ब्याज माफी का लाभ मिला, जबकि दूसरे चरण में 15 से 28 फरवरी तक 75 फीसदी ब्याज माफी दी गई, इस दौरान 4.78 करोड़ रुपए की वसूली हुई, जिसमें 61.94 लाख रुपए का ब्याज माफ हुआ। फरवरी महीने में कुल 24.62 करोड़ रुपए का संपत्ति कर वसूला गया और इस दौरान करदाताओं को 5.60 करोड़ रुपए की ब्याज माफी मिली, जबकि मार्च में 50 फीसदी ब्याज माफी दी गई थी। उक्त अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच कुल 88 करोड़ बतौर बकाया टैक्स वसूल हुआ है। जबकि मनपा प्रशासन ने 125 करोड़ रुपया बकाया टैक्स की वसूली का लक्ष्य रखा था, जो अनुमान से बेहद कम है। यही वसूली पिछले वर्ष 79 करोड़ रुपए हुआ था। उक्त कर वसूली में 2.35 लाख आवासीय, 38,000 व्यावसायिक और 2,500 मिश्रित संपत्तियां हैं। इनमें आवासीय संपत्तियों पर 462 करोड़ रुपए, व्यावसायिक संपत्तियों पर 137 करोड़ रुपए और मिश्रित संपत्तियों पर 33.85 करोड़ रुपए का कर बकाया है।