मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिमनाई गई प्रख्यात साहित्यकार महादेवी वर्मा की जयंती

मनाई गई प्रख्यात साहित्यकार महादेवी वर्मा की जयंती

विक्रम सिंह / सुल्तानपुर

महादेवी वर्मा भारतीय नवजागरण और स्वाधीनता आंदोलन की चेतना से अनुप्राणित रचनाकार हैं। उन्होंने अपने संपूर्ण साहित्य में स्त्री प्रश्नों को काफी गंभीरता से उठाया है। यह बातें राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि कुमार ने कहीं। वे प्रख्यात साहित्यकार महादेवी वर्मा जयंती पर महाविद्यालय हिंदी विभाग द्वारा महादेवी वर्मा कृत शृंखला की कड़ियां और स्त्री प्रश्न विषय पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महादेवी वर्मा की महत्वपूर्ण कृति ‘श्रृंखला की कड़ियां’ सीमोन द बोउआर के ‘द सेकंड सेक्स’ से लगभग दो दशक पूर्व प्रकाशित हुई। इस पुस्तक में लेखिका ने तत्कालीन भारतीय समाज में स्त्रियों की दशा, दिशा, संघर्ष एवं स्वप्न पर गंभीर चर्चा की है।
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रंजना पटेल ने कहा कि महादेवी वर्मा ने स्त्री को समाज की महत्वपूर्ण इकाई के रूप में देखने की साहित्यिक अंतर्दृष्टि पैदा की। उनकी कृति शृंखला की कड़ियां स्त्री सरोकारों पर सम्पूर्ण संदर्भों में विचार विमर्श करने की आधारभूमि तैयार करती है।
असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि शृंखला की कड़ियां आजादी से पहले भारत में स्त्री की सामाजिक और आर्थिक परतंत्रता को लेकर हिंदी में लिखी गई सर्वाधिक महत्वपूर्ण पुस्तक है। उन्नीस सौ बयालीस में छपी यह कृति स्त्री विमर्श की प्रस्तावना है। संचालन और आभार ज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर शोध व परास्नातक विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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