सामना संवाददाता / मुंबई
लोकसभा में वक्फ बिल पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने जमकर खबर ली। उन्होंने एक तरफ जहां केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए, वहीं हिंदुत्व छोड़ने के लिए भाजपा पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की वक्फ की जमीन पर नजर है। शिवसेना को बिल का विरोध नहीं है, बल्कि भाजपा के पाखंड और वक्फ की जमीन हड़प कर व्यापारी मित्रों को देने की भ्रष्टाचारी मानसिकता का विरोध है। ऐसा प्रखर मत उन्होंने मीडिया के समक्ष रखा। बांद्रा स्थित ‘मातोश्री’ आवास पर उद्धव ठाकरे ने कल पत्रकार वार्ता में वक्फ बिल पर मीडिया से बातचीत की।
बिल मुसलमानों के
खिलाफ या पक्ष में
उद्धव ठाकरे ने तीखे शब्दों में भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि संसद में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने इस बिल पर मुसलमानों के प्रति जो सहानुभूति दिखाई, वह मोहम्मद अली जिन्ना को भी शर्मसार कर देने वाली थी। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि यह बिल आखिर मुसलमानों के खिलाफ है या उनके पक्ष में? अगर पक्ष में है तो क्या भाजपा ने हिंदुत्व छोड़ दिया?
ट्रंप टैक्स की चर्चा से बचने के लिए लाए वक्फ बिल!
उद्धव ठाकरे का केंद्र पर हमला
लोकसभा में पास हुए वक्फ बिल पर कल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने मीडिया से बातचीत की।
देश में आर्थिक स्थिति और औद्योगिक संकट को लेकर उद्धव ठाकरे ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को टैक्स कम करने को कहा था और चेताया था कि यदि तुमने टैक्स कम नहीं किया तो वे भी टैक्स लगाएंगे। अमेरिका ने वही किया और कल से यह लागू हो गया है। परिणामस्वरूप शेयर बाजार गिर गया है। देश की आर्थिक रीढ़ टूट सकती है, देश पर आर्थिक संकट आ सकता है, ऐसी स्थिति है। इससे ध्यान हटाने के लिए ही कल वक्फ सुधार बिल पेश किया गया, ऐसा आरोप उद्धव ठाकरे ने केंद्र की मोदी सरकार पर लगाया।
विचार मत सिखाओ
सीएम देवेंद्र फडणवीस को करारा जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के विचार मत सिखाओ। जब बालासाहेब ठाकरे ने बांद्रा बीकेसी में इज्तेमा की अनुमति दी थी, तब देवेंद्र फडणवीस बच्चे थे। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कश्मीर से ३७० धारा हटाने के बाद कश्मीर में कितने पंडितों को जमीन दी गई? भाजपा खुद को हिंदुत्ववादी कहती है तो चुनौती देता हूं कि वह झंडे से हरा रंग निकाल कर दिखाए।
आर्थिक संकट पर चर्चा करें
उद्धव ठाकरे ने मांग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री को अन्य सभी मुद्दे छोड़कर इस आर्थिक संकट पर देश को आश्वस्त करते हुए लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब मैं मुख्यमंत्री था, तब चीन ने अरुणाचल में घुसपैठ की थी। उस समय प्रधानमंत्री मोदी भी घर से काम कर रहे थे। उन्होंने वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग कर सभी मुख्यमंत्रियों और प्रमुख दलों के नेताओं से चर्चा की थी। देशहित में आप जो भी निर्णय लेंगे, उसका हम समर्थन करेंगे, ऐसा सभी मुख्यमंत्रियों ने मोदी से कहा था। देश के सामने आने वाले इस आर्थिक संकट पर भी अगर प्रधानमंत्री ने चर्चा की होती तो शिवसेना ने एक स्वर में समर्थन दिया होता।