सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में मध्य और पश्चिम रेलवे की जमीनों पर कुल 306 होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इनमें मध्य रेलवे की जमीन पर 179 और पश्चिम रेलवे की जमीन पर 127 होर्डिंग्स हैं। विशेष रूप से इनमें से मध्य रेलवे की 179 होर्डिंग्स में से 68 और पश्चिम रेलवे की 127 होर्डिंग्स में से 35 होर्डिंग्स किसने लगाए हैं, इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह चौंकाने वाली जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत की गई जांच से सामने आई है। अनिल गलगली ने मुंबई महापालिका के अनुज्ञापन अधीक्षक कार्यालय से शहर में लगे होर्डिंग्स से संबंधित विभिन्न जानकारियां मांगी थीं। इसके जवाब में अनुज्ञापन अधीक्षक कार्यालय ने मध्य, पश्चिम और हार्बर रेलवे की जमीनों पर लगे होर्डिंग्स की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई। पश्चिम रेलवे की जमीन पर 127 होर्डिंग्स लगे हैं। इसमें ए वार्ड में 3, डी वार्ड में 1, जी साउथ में 1, जी नॉर्थ में 12, के ईस्ट में 2, के वेस्ट में 1, पी साउथ में 10 और आर साउथ में 4 सीटें हैं। 35 होर्डिंग पश्चिम रेलवे की जमीन पर हैं, जिसका कोई मालिक नहीं है और 179 होर्डिंग मध्य रेलवे की जमीन पर हैं। 68 होर्डिंग्स मध्य रेलवे की उस जमीन पर हैं, जिस पर किसी का स्वामित्व नहीं है। इनमें ई वॉर्ड में 5, एफ दक्षिण वॉर्ड में 10, जी उत्तर वॉर्ड में 2, एल वार्ड में 9 और टी वॉर्ड में 42 ऐसे कुल 68 होर्डिंग्स हैं।
अनिल गलगली के अनुसार, घाटकोपर दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन को पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। साथ ही मनपा के नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए। यदि ये होर्डिंग्स अनधिकृत हैं, तो रेलवे प्रशासन को इन्हें तुरंत हटाना चाहिए और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मुंबई में होर्डिंग्स माफिया सक्रिय हैं और मुंबई महानगरपालिका की नई विज्ञापन नीति में खुद की सकारात्मकता के लिए आईएएस अधिकारी से लायसेंस विभाग निकलवाया गया, क्योंकि बिना अनुमति लिए समझबूझ के साथ आर्थिक हेराफेरी की जा रही है।