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करेंसी चेस्ट में कैश का संकट…महाराष्ट्र में एटीएम बंदी!..७० फीसदी मशीनों में नगदी नदारद

– ठाणे, कल्याण, पालघर, नई मुंबई समेत कई जगहों पर किल्लत

-कुछ एटीएम ही एक्टिव, जहां सिर्फ २०० के नोट ही उपलब्ध

सुनील ओसवाल / मुंबई

महाराष्ट्र के कई हिस्से में एटीएम मशीनें काम नहीं कर रही हैं। पता चला है कि करेंसी चेस्ट में कैश की कमी हो गई है, जिसके कारण एटीएम में नकदी नहीं है। इसके कारण करीब ७० फीसदी एटीएम, ‘बंदी’ की समस्या से जूझ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई के अलावा, ठाणे, पालघर, नई मुंबई, कल्याण आदि जगहों पर काफी एटीएम काम नहीं कर रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मार्च के अंत में करेंसी चेस्टों में नकदी की कमी हो गई है। नागरिकों की शिकायत है कि कई एटीएम में नकदी नहीं है। जानकारों का मानना है कि कई जगहों पर मनपा चुनाव होनेवाले हैं इसलिए लोगों ने पैसा जमा कर लिया है। इस कारण नगदी की किल्लत हो गई है।
आरबीआई से नगदी का प्रवाह हुआ कम!
मुंबई और ठाणे समेत पालघर, कल्याण, नई मुंबई सहित विभिन्न स्थानों के अधिकांश एटीएम से नगदी गायब हो गई है। सिर्फ कुछ ही एटीएम में करेंसी मौजूद है। वहां से भी केवल २०० रुपए के नोट ही निकल रहे हैं। इसलिए उस स्थान पर नागरिकों की लंबी कतारें लग गर्इं। कुछ अन्य स्थानों पर नागरिकों को पैसे के अभाव में खाली हाथ लौटना पड़ा। इस बारे में बैंकिंग सेक्टर से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आरबीआई से नगदी का प्रवाह कम हो गया है इसलिए यह समस्या आ रही है।
बता दें कि मुंबई समेत राज्य में नगदी की कमी के बारे में जब स्थानीय बैंकों से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में कुछ हद तक ऐसी स्थिति पैदा हो गई है। वित्तीय वर्ष मार्च में समाप्त होता है। ऐसे में खातों का मिलान किया जाता है। उस समय विभिन्न स्थानों पर धन का लेन-देन होता है। इससे नकदी की कमी पैदा होती है। इस वर्ष स्थिति और खराब होने की संभावना पर खूब चर्चा है कि आगामी नगरपालिका चुनावों के मद्देनजर बड़ी मात्रा में लोग नगदी जमा कर रहे हैं। इन दो कारणों से शहर में फिलहाल नगदी की कमी है।
ठोस कारण पता नहीं
एक बैंक मैनेजर ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि वर्तमान में करेंसी चेस्ट में नकदी की कमी है। आरबीआई से नकदी प्रवाह में कमी आई है। इसका कोई ठोस कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, इसके कारण फिलहाल बाजार में नगदी की कमी बनी हुई है।

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