-दो राज्यों में हार का बदला ले रही भाजपा : कांग्रेस
जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट की तस्वीरें
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली में स्थित संसद भवन में भू-निर्माण कार्य के कारण महात्मा गांधी, बीआर आंबेडकर, छत्रपति शिवाजी महाराज सहित अन्य मूर्तियों को स्थानांतरित कर दिया गया है। भू-निर्माण कार्य के कारण आदिवासी नेता बिरसा मुंडा और महाराणा प्रताप की मूर्तियों को भी हटाया गया है। सभी मूर्तियों को अब एक साथ पुराने संसद भवन और संसद पुस्तकालय के बीच एक लॉन में रखा गया है। कांग्रेस ने इस काम की आलोचना की है।
यह अपमानजनक है :रमेश
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने एक्स पर कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्तियों को संसद भवन के उनके प्रमुख स्थानों से हटा दिया गया है। यह अत्याचारपूर्ण है।
अगर ४०० जीतते तो क्या करते :खेड़ा
भाजपा की आलोचना करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा कि चूंकि महाराष्ट्र के मतदाताओं ने इस बार भाजपा को वोट नहीं दिया इसलिए संसद से शिवाजी महाराज और बाबासाहेब की मूर्तियों को हटा दिया गया। गुजरात में भाजपा इस बार क्लीन स्वीप नहीं कर पाई इसलिए संसद से महात्मा गांधी की मूर्ति को हटा दिया गया। खेड़ा ने आगे कहा कि जरा सोचिए, एक बार अगर इन्हें इस बार ४०० सीटें मिल गईं होती तो क्या यह (भाजपा) संविधान को बख्श देते?
इसलिए हटाई गईं मूर्तियां
निर्वाचित सांसदों के पहले सत्र के लिए परिसर को नया रूप देने के लिए संसद में पुनर्विकास परियोजना शुरू है। इसी महीने जून में संसद को एक नया रूप दिया जाएगा, जिसमें चार अलग-अलग इमारतों वाले पूरे परिसर को एकीकृत करने का काम चल रहा है। बाहरी क्षेत्रों के पुनर्विकास के हिस्से के रूप में गांधी, शिवाजी और महात्मा ज्योतिबा फुले सहित राष्ट्रीय प्रतीकों की मूर्तियों को पुराने संसद भवन के गेट नंबर ५ के पास एक लॉन में ले जाया जाना था, जिसे संविधान सदन का नाम दिया गया है।