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सीएम लाचार होकर देख रहे हैं तमाशा! …आदित्य ठाकरे की मांग, दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल पर हो कार्रवाई

सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता और युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने पुणे स्थित दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल की घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो अस्पताल केवल मुनाफा कमाने के लिए चलाए जा रहे हैं, उन्हें सरकार को अपने नियंत्रण में लेकर मनपाओं को सौंप देना चाहिए। पैसे के लिए एक गर्भवती महिला की जान लेने वाले मंगेशकर अस्पताल की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग भी आदित्य ठाकरे ने की है। इस दौरान उन्होंने सीएम पर जोरदार हमला भी बोला। आदित्य ठाकरे ने कहा कि आज प्रदेश में भाजपा के कार्यकर्ता भी असुरक्षित हैं। उन्हें भी न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और हमारे सीएम लाचार होकर तमाशा देख रहे हैं।
कल आदित्य ठाकरे ने ‘मातोश्री’ निवास पर एक प्रेस कॉन्प्रâेंस आयोजित कर मीडिया से संवाद साधा। पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में पैसे के अभाव में समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण तनिषा भिसे नामक गर्भवती महिला की मौत हो गई। इस घटना को लेकर जनता में भारी रोष है। इस प्रकरण को लेकर आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के खिलाफ सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से शिवसेना ने आंदोलन कर इस घटना का विरोध दर्ज कराया। वो महिला एक भाजपा विधायक के पीए की पत्नी थी। जिस राज्य में भाजपा की बहुमत वाली सरकार है, वहां मुख्यमंत्री अपने ही पार्टी के लोगों को न्याय नहीं दे पा रहे हैं तो आम जनता का क्या होगा?

रु. १० लाख दो, वरना भर्ती नहीं करेंगे
उन्होंने कहा कि वह गर्भवती महिला गंभीर हालत में थी। अस्पताल प्रशासन को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि कार्यालय से पांच बार कॉल किए गए। चाहे मंत्री कॉल करें या मुख्यमंत्री, अस्पताल प्रशासन ने साफ कहा १० लाख रुपए दो, वरना भर्ती नहीं करेंगे। अस्पताल प्रशासन का यह घमंड और मनमानी क्या फडणवीस सरकार खत्म करेगी? ऐसा तीखा सवाल आदित्य ठाकरे ने किया।

भाजपा के कार्यकर्ता भी असुरक्षित
आदित्य ठाकरे ने आगे कहा कि जब फडणवीस उप मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने धर्मार्थ अस्पतालों को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की थी, लेकिन वह रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। अगर वह सामने आई तो कई अस्पतालों की सच्चाई उजागर होगी। इन अस्पतालों को सरकार एक रुपया में जमीन देती है, अनेक रियायतें भी देती है, फिर भी वहां मरीजों को सही इलाज नहीं मिलता है। राज्य में जब भाजपा विधायक के पीए के परिवार को भी न्याय नहीं मिल रहा है तो आम जनता का क्या होगा? आज भाजपा के कार्यकर्ता भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और हमारे सीएम लाचार होकर हाथ पैर हाथ धरे बैठे हैं।

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