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विवादित नेता को तीसरे टर्म का इंतजार… चुनाव जीतने के लिए किया इस्लाम विरोधी भाषा का इस्तेमाल!

सामना संवाददाता / मुंबई

लोकसभा चुनाव में कल बड़ा उलटफेर हुआ और पूरी दुनिया की मीडिया की निगाहें इस ओर लगी हुई थीं। विदेशी मीडिया में मोदी सरकार की वापसी को लेकर बहुत सकारात्मक नजरिया नहीं था। सीएनएन ने रुझान आते ही लिखा, ‘भारत के सबसे पॉपुलर लेकिन विवादित नेता को तीसरे टर्म का इंतजार है। मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े आबादी वाले देश में लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने के लिए कैंपेन में इस्लाम विरोधी भाषा का इस्तेमाल किया।’
इस्लामिक देशों के सबसे लोकप्रिय चैनल अलजजीरा ने लिखा, ‘पीएम मोदी की भाजपा और एनडीए गठबंधन आगे चल रहा है। चुनौती देने के लिए बनाया गया गठबंधन ‘इंडिया’ अलायंस उन्हें कड़ी टक्कर दे रहा है। कांग्रेस ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। नतीजों में कड़ा संदेश छिपा है, वो यह है कि मोदी फिर से सत्ता में आने के बाद अपनी कितनी पीठ थपथपा लें, लेकिन वो बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे को छिपा नहीं सकते। मोदी को जरूरत है कि वो इन मुद्दों पर कुछ करें, अभी तक उन्होंने पुरानी सरकारों पर दोष मढ़ा है। लोग उनसे जवाब मांग रहे हैं।’ पाकिस्तानी अखबार डॉन में जावेद नकवी ने लिखा कि आज का चुनाव परिणाम यह तय करेगा कि भारत का लोकतंत्र में कितना यकीन है। उन्होंने आगे लिखा कि चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने मुसलमानों पर कई बार हमला किया। उन्होंने मुस्लिमों को घुसपैठिया बताया और ८० प्रतिशत हिंदुओं को डेमोग्राफिक डर दिखाया। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिमों की नजर हिंदू महिलाओं के मंगलसूत्र और हिंदुओं के रोजगार पर है। उन्होंने कांग्रेस के मैनिफेस्टो को मुस्लिम लीग का डॉक्यूमेंट बताया। अमेरिका का वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा, ‘भारत के नरेंद्र मोदी बहुमत हासिल करने के लिए जूझ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में उन्हें उम्मीद मुताबिक नतीजे नहीं मिल रहे। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा कि मोदी और उनकी हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी को विपक्ष ने कड़ा झटका दिया है।’ फ्रांस २४ ने लिखा, ‘भारत के चुनाव में विपक्ष उम्मीद से कड़ी टक्कर दे रहा है। १० साल की सत्ता में नरेंद्र मोदी ने भारत की राजनीति के परिदृश्य को ही बदल दिया था। उनकी पॉपुलेरिटी ने उनकी पार्टी को पीछे छोड़ दिया। मोदी ने संसदीय चुनाव को राष्ट्रपति चुनाव जैसा बना दिया। नतीजा ये रहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए मोदी ब्रांड पर निर्भर रहती है।’

 

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