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कोल्हापुर में घुस नहीं पाएंगे एकनाथ शिंदे …किसानों ने बैठक में लिया निर्णय

सामना संवाददाता / मुंबई
शक्तिपीठ महामार्ग को रद्द करने और किसानों को कर्ज माफी का विधानसभा चुनाव से पहले दिया गया आश्वासन हवा-हवाई हो गया है। इस वजह से उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विरोध में किसानों के मन में भारी असंतोष है। अब एकनाथ शिंदे कल कोल्हापुर दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे में एकनाथ शिंदे को रोकने की चेतावनी शक्तिपीठ महामार्ग विरोधी संघर्ष समिति ने देते हुए कोल्हापुर में जिलाबंदी कर दी है। इसके साथ ही कुणाल कामरा का गाना बजाकर विरोध भी किया। साथ ही इंडिया गठबंधन की संघर्ष समिति को समर्थन भी दिया।
कोल्हापुर में सर्किट हाउस पर संघर्ष समिति की ओर से किसानों के प्रमुख प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस समिति के समन्वयक गिरीश फोंडे ने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय कोल्हापुर में हुई प्रचार सभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शक्तिपीठ महामार्ग को रद्द करने का वादा किया था। चुनाव आने के बाद किसानों को कर्जमाफी का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे पूरा नहीं किया।
किसानों के साथ किया धोखा
एकनाथ शिंदे ने महायुति सरकार के साथ धोखा किया तो जनता ने उन्हें हल्के में लिया, लेकिन अब शक्तिपीठ महामार्ग रद्द करने और कर्ज माफी का आश्वासन दिया गया था। लेकिन इन आश्वासनों को पूरा न करके अगर किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है तो कोल्हापुर के किसान और आम जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। समिति ने कहा कि महाराष्ट्र में पिछले साल २,९०० किसानों ने आत्महत्या की। लेकिन विजयी मेला निकालना यानी किसानों के जख्म पर नमक छिड़कने जैसा है। १२ मार्च को मुंबई में मार्च निकाला गया था, तब भी एकनाथ शिंदे किसानों से नहीं मिले इसलिए अब एकनाथ शिंदे को कोल्हापुर में घुसने नहीं दिया जाएगा।

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