सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में ‘ईडी’ २.० सरकार आने के बाद सीएम पद पर फडणवीस के विराजमान होने से सबसे अधिक नाराजगी एकनाथ शिंदे को हुई है। वे इतने नाराज हुए कि अपने गांव जाकर बैठ गए। उसके बाद वे जब भी नाराज होते हैं अपने गांव चले जाते हैं। दरअसल, सीएम पद को लेकर शिंदे और फडणवीस में अंदरूनी जंग जारी है। सीएम रहते शिंदे ने जो कई पैâसले लिए थे, उन्हें सीएम बनने के बाद फडणवीस ने रोक दिया है। अब ताजा खबर है कि फडणवीस ने एक नई चाल चलते हुए शिंदे पर पहरा लग दिया है। इसके तहत शिंदे के पास जाने वाली फाइलों को पहले डिप्टी सीएम अजीत पवार के पास से गुजरने का फरमान जारी किया है। फडणवीस के इस पैâसले के बारे में राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अब एक डिप्टी सीएम शिंदे के पास जो भी फाइल जाना है, उसे पहले दूसरे डिप्टी सीएम अजीत पवार चेक करेंगे। यदि अजीत पवार ने फाइल मंजूर की, तभी वह फाइल शिंदे तक पहुंच पाएगी।
मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश
इस संबंध में राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक ने मंगलवार को सभी सरकारी विभागों के लिए एक आदेश जारी किया है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर शिंदे और फडणवीस के बीच खट्टे होते रिश्तों की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।
राजनीतिक चाल
राजनीतिक जानकारों की मानें तो फडणवीस ने राजनीतिक चाल से शिंदे को और दबोच लिया है। पहले उनके विभागों पर संबंधित सचिवों को अधिक पावर दिया, फिर शिंदे के निर्णय को खुद परखने के बाद ही मंजूरी देना। इसके अलावा शिंदे द्वारा लिए कई निर्णय को रद्द भी कर दिया।
कई फाइलें पेंडिंग हैं
अब भी एकनाथ शिंदे के विभाग से जुड़ी कई फाइलें सीएम कार्यालय में पेंडिंग पड़ी हैं। अब फडणवीस ने नया फरमान जारी किया है कि अब उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास जो भी फाइल जाएगी, उसे पहले उप मुख्यमंत्री अजीत पवार देखेंगे।
शिंदे की ‘नाकाबंदी’
कर रहे फडणवीस!
महाराष्ट्र की राजनीति में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच चल रहे शीतयुद्ध की चर्चा जोरों पर है। कई मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में पारित आदेशों को रद्द कर दिया है। जानकारों की मानें तो मुख्यमंत्री बनने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे की नाकाबंदी शुरू कर दी है। ऐसे में दोनों अपनी-अपनी ताकत दिखाने के मौके ढूंढते नजर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय सभी तरफ से एकनाथ शिंदे और उनके मंत्रियों को घेरने की हर कोशिश कर रहा है, पर अब फडणवीस ने निर्देश दिया है कि अजीत पवार के पास से होते हुए फाइलें शिंदे के पास जाएंगी।