यूनिफॉर्म का कपड़ा अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए। इससे विद्यार्थियों की त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचेगा।
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में एक राज्य एक यूनिफॉर्म योजना को थोपने वाले पैâसले से आखिरकार अब राज्य सरकार ने पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया है। अब यूनिफॉर्म सिलने के साथ-साथ उसका रंग और डिजाइन तय करने का अधिकार पहले की तरह स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन समिति को दिया गया है। इस वजह से एक ही कलर व डिजाइन वाली यूनिफॉर्म से छुटकारा मिल गया है। इससे न केवल छात्र, बल्कि अभिभावक और शिक्षकों ने राहत भरी सांस ली है।
बता दें कि पिछली सरकार के इस फैसले से छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षक और अभिभावक पूरी तरह से परेशान हो चुके थे। योजना और संयोजन के अभाव में शिक्षा विभाग की ‘एक राज्य एक यूनिफॉर्म’ योजना ने शिक्षकों को बड़ी मानसिक परेशानी में डाल दिया था। छात्रों की यूनिफॉर्म के लिए सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है, लेकिन उसका रंग और स्वरूप तय करने का अधिकार स्कूलों को दिया जाता है। शिक्षकों और अभिभावकों से बनी स्कूल प्रबंधन समिति स्थानीय परिस्थितियों और भौगोलिक वातावरण को देखते हुए यूनिफॉर्म का स्वरूप तय करती थी। यूनिफॉर्म तय करने के स्कूलों के अधिकार का अचानक केंद्रीकरण करने का फरमान पिछली घाती सरकार के राज में स्कूल शुरू होने के ठीक पहले यानी जून में लिया गया था। योजना में गड़बड़ी के कारण कुछ स्कूलों में छात्रों को गलत नाप, फटी हुई और रंग उड़ी हुई यूनिफॉर्म बांटी गई थी। इसकी शिकायतें भी की गर्इं। लड़कियों को यूनिफॉर्म के साथ दुपट्टा नहीं दिए जाने की शिकायतें भी सामने आर्इं। यह सब निपटाने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर आ गई, जिसके कारण पूरे राज्य में इस योजना के खिलाफ तीव्र आक्रोश व्यक्त किया जा रहा था। इस गलती से सबक लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने दिसंबर २०२४ में यूनिफॉर्म तय करने का अधिकार एक बार फिर स्कूल प्रबंधन समिति को दे दिया। अब उसका रंग-रूप तय करने का अधिकार भी स्कूल समिति के पास ही होगा। इस तरह का पैâसला लिया गया है। इससे राज्य के शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।
समय पर उपलब्ध होगी राज्य मुख्याध्यापक महामंडल के पूर्व उपाध्यक्ष महेंद्र गणपुले ने कहा कि भौगोलिक परिस्थिति और सामाजिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा निर्णय लेने पर यह यूनिफॉर्म विद्यार्थियों को समय पर उपलब्ध हो पाएगी।