रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
`दि मुंबई मर्चेंट्स असोसिएशन’ द्वारा मराठी माणुस पर अन्याय का एक मामला सामने आया है। दक्षिण मुंबई गिरगांव स्थित पंचरत्न इमारत में दि मुंबई मर्चेंट्स असोसिएशन का कार्यालय है, जिसमें 17 हजार सदस्य हैं। वहां की सदस्यता के लिए 60 हजार रुपए फीस है। यह सदस्यता हासिल करने के लिए 40 लोगों ने 60 हजार सदस्यता शुल्क भर कर आवेदन किया था, लेकिन वे मराठी थे। इसलिए उन्हें सदस्य नहीं बनाया गया। इस बात की जानकारी मिलते ही शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के दक्षिण मुंबई विभाग प्रमुख संतोष शिंदे ने वहां मोर्चा निकालकर अपना निषेध जताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आवेदन शुल्क भरने के वावजूद इन्हें सदस्य नहीं बनाया गया तो शिवसेना अपनी स्टाइल में इसका जबाब देगी। इस अवसर पर विधानसभा प्रमुख विकास मयेकर, उप विभाग प्रमुख संपत ठाकुर, राजेश आवलेगावकर, बाजीराव मालसुरे, शाखा प्रमुख बाला अहिरेकर, संतोष घरत, अजय शेंडगे, समन्वयक दिलीप करंदेकर, श्रीरी कुमटेकर, युवा सेना सह सचिव वैभव वनकर, युवा सेना अधिकारी विकास अडुलकर, यश काते, शुभम शिंदे, बालू मांडवे तथा भारी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित थे।