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अवैध निर्माण की जांच करने गए केडीएमसी कर्मचारियों के साथ मारपीट…सत्ता में होने का दिखाया दम

सामना सवांददाता / कल्याण

सत्ता का नशा सिर चढ़कर बोले तो इसे ही कहा जाएगा। शिंदे गुट के पूर्व नगरसेवक दुर्योधन पाटील और उनके गुर्गों ने अवैध निर्माण की जांच करने पहुंचे केडीएमसी कर्मचारियों के साथ मारपीट कर अपनी राजनीतिक दबंगई का खुला प्रदर्शन किया। खड़कपाड़ा पुलिस ने इस मामले में दुर्योधन पाटील के बेटे वैभव पाटील समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम 5 बजे केडीएमसी के ‘अ’ प्रभाग क्षेत्र में अवैध निर्माण की जांच के लिए सहायक आयुक्त प्रमोद पाटील के निर्देश पर कनिष्ठ अधिकारी गर्गे और राजेश सालुंखे अपनी टीम के साथ वडवली पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व नगरसेवक दुर्योधन पाटील के गुर्गों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की। सालुंखे ने बताया कि दो कर्मचारियों और एक वाहन चालक को डंडों से पीटा गया। इतना ही नहीं वैभव पाटील ने रिवाल्वर दिखाकर धमकी दी और कहा कि यहां दोबारा आने की हिम्मत न करना।
गौरतलब है कि चार-पांच साल पहले भी इसी क्षेत्र में मनपा के दो कर्मचारियों को बांधकर पीटा गया था, लेकिन उस समय भी मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। शिंदे गुट से जुड़े होने का दम दिखाते हुए दुर्योधन पाटील और उनके समर्थकों ने पहले भी अपनी दबंगई का प्रदर्शन किया था। अब जब शिंदे सत्ता में हैं, तो लगता है कि कानून की परवाह न करते हुए सत्ता का रौब आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों पर दिखाया जा रहा है।
सवाल यह है कि क्या सत्ता में होने का मतलब कानून को ताक पर रखना है? क्या शिंदे गुट के प्रभावशाली नेताओं को जनता की सुरक्षा और सरकारी कामकाज का सम्मान नहीं करना चाहिए? खड़कपाड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब देखना यह है कि पुलिस इस बार भी प्रभाव में आकर चुप बैठती है या फिर कानून का डंडा सही जगह पर चलता है।

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