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`कोकाटे हैं कृषि क्षेत्र के कुणाल कामरा’! …किसान संकट में, कृषि मंत्री सत्ता के नशे में …वडेट्टीवार का जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई
जब फसलें तैयार थीं, तब कृषि मंत्री को किसानों के खेतों पर जाकर उन्हें भरोसा देना चाहिए था, लेकिन यह सरकार पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। इसके पास अब जनता के लिए कोई संवेदना नहीं बची है इसलिए किसानों को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। एक तरह से `मंत्री माणिकराव कोकाटे कृषि क्षेत्र के कुणाल कामरा हैं।’ इस तरह का जोरदार हमला कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कृषि मंत्री कोकाटे के कर्जमाफी पर दिए गए बयान के बाद किया।
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि कृषि मंत्री की जिम्मेदारी बड़ी होती है। विदर्भ और मराठवाड़ा में बेमौसम बारिश की वजह से फलों के बागों को भारी नुकसान हुआ है। नाशिक में अनार और प्याज की फसलें भी बर्बाद हो गईं। असल मुद्दों से भटकाकर नए मुद्दे लाए जा रहे हैं। यह सरकार जनता से पूरी तरह कट चुकी है। किसानों की आत्महत्याएं इन्हें प्रभावित नहीं करतीं। इन्हें सत्ता का अहंकार है। इन्हें लगता है कि `हमारे पास बहुमत है, हमें कोई कुछ नहीं कर सकता’। इस मनोवृत्ति में यह सरकार काम कर रही है।

`संभलकर, आप बाल-बाल बचे हैं’- रोहित पवार
राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि कोकाटे साहब, शायद आपको पता नहीं कि कर्जमाफी की रकम बैंक में जाती है, किसानों तक सीधे नहीं पहुंचती। कर्जमाफी की रकम का इस्तेमाल शादी-ब्याह में करना या फ्लैट हड़पने जितना आसान नहीं होता।’उन्होंने आगे कहा कि जब खुद आपके ऊपर `फ्लैट घोटाले’ का आरोप है, तब किसानों को ज्ञान देने की कोई जरूरत नहीं है। रोज कोट बदलने वाले कृषि मंत्री को भले ही किसानों की फटी हुई हालत न दिखे, लेकिन अपनी विवादास्पद संवेदनाओं का दिखावा करने की बजाय अगर आप बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों की मदद पर ध्यान दें तो बेहतर होगा।

कोकाटे को बर्खास्त करो-हर्षवर्धन सपकाल
किसान दुनिया का चेहरा हैं, लेकिन भाजपा गठबंधन सरकार उनका अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ती है। राज्य के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के पास इतनी ताकत आ गई है कि वे लगातार किसानों का अपमान कर रहे हैं। किसानों को भिखारी कहने के बाद अब इन सज्जन ने एक बार फिर अजीब सवाल पूछकर उनका अपमान किया है कि वे कर्जमाफी का क्या करते हैं, क्या वे शादी करते हैं, क्या गन्ने की खेती करते हैं, क्या वे खेती में निवेश करते हैं? महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मांग की है कि किसानों का अपमान करने वाले कोकाटे को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए।

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