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कुशनगरी के विद्यार्थियों ने किया प्रयागराज और मनगढ़ का सांस्कृतिक अध्ययन…शैक्षणिक भ्रमण से लौटे राणाप्रताप कॉलेज के छात्र

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

कुशनगरी सुल्तानपुर के विद्यार्थियों का दल गत दिवस प्रयागराज व प्रतापगढ़ स्थित मनगढ़ की धार्मिक आस्था व संस्कृति का अध्ययन करने पहुंचा। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्कृत विभाग के परास्नातक विद्यार्थियों के समूह ने इन स्थलों का दौरा किया। ये दल बुधवार की शाम वापस लौटा ।
शिक्षा और अध्यात्म के केंद्र प्रयागराज में विभिन्न सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को प्रत्यक्ष देखना विद्यार्थियों के लिए रोमांचकारी और उत्साहवर्धक रहा। छात्रा प्रीति सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि महाकुंभ में भीड़ की वजह से संगम नहीं जा सकी थी। अपने सहपाठियों के साथ यहाँ आकर त्रिवेणी में डुबकी लगाना दिव्य अनुभूति वाला रहा। छात्र सचिन ने बताया कि भारत वर्ष के प्रथम कुलपति महर्षि भारद्वाज का आश्रम देखकर रामायण के अनेक प्रसंग आंखों के सामने प्रगट हो गए। शिवानंद ने बताया कि आनन्द भवन जाकर भारतीय राजनीति की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को जाना और समझा। काजल एवं अंजलि ने कहा कि हम इलाहाबाद संग्रहालय भी गए, जहां अनेक प्राचीन मूर्तियों, मुद्राओं, पुरातात्विक वस्तुओं और अस्त्र-शस्त्रों को देखना ज्ञानवर्धक रहा। छात्र नीलमणि मिश्र ने बताया कि संग्रहालय में चंद्रशेखर आजाद की माउजर पिस्तौल देखकर मन रोमांचित हो उठा।
विभागाध्यक्ष डॉ. अमित तिवारी ने बताया कि आजाद पार्क में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा को देखते ही विद्यार्थी देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो उठे। छात्र-छात्राओं ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विज्ञान और कला संकाय का भी भ्रमण किया। कटरा के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी रोड पर घूमते हुए छात्रों ने नई, पुरानी पुस्तकें भी खरीदीं। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. यशमंत सिंह ने कहा कि वापसी में प्रयागराज से 40 किमी दूर प्रतापगढ़ जनपद के भक्तिधाम मनगढ़ जाकर विद्यार्थियों ने कृपालु महाराज के जीवन चरित एवं साहित्य का अध्ययन किया।
डॉ. नीतू सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मंशानुरूप हर वर्ष विभाग के विद्यार्थियों को देश के किसी न किसी कोने में शैक्षणिक भ्रमण के लिए ले जाया जाता है। प्राचार्य डॉ. डी.के. त्रिपाठी ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण से छात्रों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। यात्रा के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वीना सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया । मोहिनी, सोहिनी, सूरज, शिवानन्द, अंजलि, रंजना, रिंकू, श्रद्धा, नवनीत, साक्षी, अवनीश, शिवम, काजल एवं दीपांशी समेत परास्नातक के तीस विद्यार्थी इस भ्रमण में शामिल रहे।

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