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आधी छोड़ पूरी को धावे, आधी मिले न पूरी पावे!… प्रकाश आंबेडकर ने मानी हार

सामना संवाददाता / मुंबई

एक कहावत है आधी छोड़, पूरी को धावे, आधी मिले न पूरी पावे! महाराष्ट्र लोकसभा चुनाव में वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर की यही स्थिति हो गई है। ‘इंडिया’ गंठबंधन में शामिल होने के लिए वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर को आमंत्रित किया गया था। ‘इंडिया’ गठबंधन प्रकाश आंबेडकर को चार सीटें दे रही थी, लेकिन प्रकाश आंबेडकर बारह लोकसभा सीट के लिए अड़े रहे। परिणामस्वरूप वे ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल नहीं हुए और लोकसभा चुुनाव में ३६ सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। इन ३६ सीटों में अकोला सीट से खुद प्रकाश आंबेडकर चुनाव लड़े थे। प्रकाश आंबेडकर खुद भी चुनाव हार गए, बाकी वंचित बहुजन आघाड़ी के सभी उम्मीदवार भी बुरी तरह से हार गए। यानी वंचित बहुजन आघाड़ी का खाता भी नहीं खुला। वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष एड. प्रकाश आंबेडकर भी अकोला सीट से हार गए हैं। प्रकाश आंबेडकर ने यह हार स्वीकार कर ली है। प्रकाश आंबेडकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर कर अकोला और महाराष्ट्र में हार स्वीकार की है। लोकसभा चुनाव में अकोला और शेष महाराष्ट्र जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं। मैं निराश हूं कि पार्टी नहीं जीत सकी, लेकिन उम्मीद नहीं खोई है।’ प्रकाश आंबेडकर ने ट्वीट किया कि मैं और सहकर्मी आत्मपरीक्षण करेंगे, हम अपनी हार के कारणों का विश्लेषण करेंगे और भविष्य में पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।

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