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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के काशी आगमन पर किया गया महाकुंभ जल अर्पित…विरोध के गूंजे स्वर…पुलिस ने कई लोगों को लिया हिरासत में

उमेश गुप्ता / वाराणसी

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के काशी आगमन के दौरान हिंदुत्व और परंपरा के पालन को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। गुरुवार को शाम 5 बजे, भारत माता मंदिर, सिगरा में एनएसयूआई से जुड़े लोगों ने उनके समक्ष प्रयागराज महाकुंभ का पवित्र जल अर्पित किया। साथ ही इस बात को लेकर विरोध भी किया कि महाकुंभ में लाखों करोड़ों श्रद्धालु हिंदुत्व की आस्था के प्रतीक स्वरूप स्नान करते हैं, लेकिन स्वयं को हिंदुत्व का सबसे बड़ा संरक्षक कहने वाले मोहन भागवत इस धार्मिक अनुष्ठान से दूर रहे।
इस प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे विकास सिंह ने मोहन भागवत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संघ प्रमुख केवल हिंदुत्व की राजनीति करते हैं, परंतु जब इसे जीने और निभाने की बात आती है, तब वे स्वयं पीछे हट जाते हैं। महाकुंभ का स्नान सनातन परंपरा की आत्मा है, लेकिन भागवत जी इससे दूर रहकर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका हिंदुत्व केवल भाषणों और प्रचार तक सीमित है।
उन्होंने आगे कहा कि हिंदुत्व कोई दिखावे की वस्तु नहीं है, यह हमारी आस्था और परंपरा का गहरा प्रतीक है। यदि मोहन भागवत सच में हिंदुत्व के रक्षक होते, तो वे स्वयं महाकुंभ में जाकर पुण्य लाभ लेते।
जब प्रदर्शनकारियों ने मोहन भागवत को महाकुंभ का पवित्र जल अर्पित करने की कोशिश की, तो मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू किया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और सिगरा थाने ले जाया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
विरोध प्रदर्शन में शामिल वालों में अनूप राय, ऋषभ पांडेय, संदीप पाल, शशांक शेखर सिंह, ओमजीत सिंह रिशु, अजीत कन्नौजिया, गौरव मिश्रा, मो. आसिफ आदि शामिल थे।

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