सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में गर्मी से उथल-पुथल मची हुई है। विदर्भ में तापमान इतना अधिक है कि इंसान की मौत हो जाएगी। नागपुर में लू ने तीन लोगों की जान ले ली। मुंबई और कोकण में उमस के कारण लोगों को पसीना आ रहा है, वहीं दूसरी ओर सूखा, खराब मौसम, ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। बर्बाद हुई खेती से परेशान किसान मदद के लिए मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री शिंदे नॉट रिचेबल और कृषि मंत्री धनंजय मुंडे गायब हैं।
कांग्रेस की ओर से कल से सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू किया गया। प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कल बीड जिले के गेवराई तालुका के रुई गांव का दौरा किया और सूखा प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया। रुई गांव रेशम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। वहां लगभग बारह सौ एकड़ कृषि भूमि का उपयोग रेशम उत्पादन के लिए किया जाता है, लेकिन इस वर्ष सूखे के कारण यह फसल नष्ट हो गई। रुई गांव के रेशम उत्पादक किसान बड़ी मुसीबत में हैं। नाना पटोले ने कल वहां नष्ट हुई फसलों का निरीक्षण किया। पटोले ने वहां बांध का भी निरीक्षण किया। उसी दौरान एक किसान के खेत से उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कृषि मंत्री धनंजय मुंडे से बात कराने की कही, लेकिन दोनों में से किसी से संपर्क नहीं हो सका। पटोले ने आरोप लगाया कि जब किसान संकट में होते हैं तो मंत्री उनकी मदद के लिए नहीं पहुंचते हैं।
मौसम विभाग द्वारा नागपुर में स्थापित किए गए चार स्वचालित मौसम स्टेशनों में से दो स्टेशनों पर तापमान ५० डिग्री सेल्सियस से ऊपर दिखा।
अब तक २२ पीड़ित
नागपुर शहर में हीटस्ट्रोक के कारण तीन और लोगों की मौत हो गई, जिससे पीड़ितों की कुल संख्या २२ हो गई। ५५ वर्षीय इस्मा का शव गुरुवार सुबह कस्तूरचंद डागा बाल सदन के सामने मिला। बुधवार को लक्ष्मीनगर चौक पर एक ३५ वर्षीय युवक बेहोशी की हालत में मिला। तीसरी घटना में कालू नामक ५० वर्षीय व्यक्ति कलमन्या में मेहता काटा के सामने बेहोशी की हालत में मिला। पुलिस ने आशंका जताई है कि तीनों की मौत लू लगने से हुई होगी।