मुख्यपृष्ठटॉप समाचारमुंबई लकवाग्रस्त!..गडकरी का मंत्रालय वसूली में व्यस्त

मुंबई लकवाग्रस्त!..गडकरी का मंत्रालय वसूली में व्यस्त

-सड़कों पर अव्यवस्था, अराजकता और ट्रैफिक पुलिस की ‘गब्बर सिंह’ वसूली

-वाहन चालकों और मालिकों में मोदी सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा

द्रुप्ति झा / मुंबई

मुंबई की सड़कों पर ट्रैफिक का बुरा हाल है। मगर सड़क परिवहन मंत्रालय को इससे कोई मतलब नहीं है। इस कारण मुंबई ट्रैफिक के कारण लकवाग्रस्त हो चुकी है, जबकि नितिन गडकरी का मंत्रालय वसूली में व्यस्त है। इसका अब बस एक ही काम रह गया है, सड़कों पर दौड़ते वाहनों पर जुर्माना लगाओ।
हालत यह है कि मुंबई में अनगिनत वाहन चालकों को थोक में जुर्माना भरने के नोटिस आ रहे हैं। हैरानी की बात है कि उन्हें पता भी नहीं है कि उन्होंने कौन सा नियम तोड़ा है? ट्रैफिक पुलिस इस ‘गब्बर सिंह’ वसूली के चक्कर में बिजी है। ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। नतीजतन मुंबई हो या उपनगर हर जगह की कहानी एक ही है। इस कारण वाहन चालकों और मालिकों में मोदी सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है।
कोने में ले जाकर होती है वसूली!
बोझ से दबी जा रही हैं। मगर ट्रैफिक पुलिस को इससे कोई मतलब नहीं है। वह वाहन चालकों को कोने में ले जाकर वसूली में मस्त है। इससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी बुरी हालत में पहुंच गई है।
अक्सर देखा जाता है कि सिग्नल पर ट्रैफिक जाम को सुलझाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सामने आते हैं, लेकिन पुलिस का कहीं अता-पता नहीं होता। मुंबई की सड़कों पर फेरीवालों का अतिक्रमण एक और बड़ी समस्या बन चुका है। दुकानों के सामने फेरीवालों ने अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया है। इससे भी बड़ी समस्या यह है कि एक फेरीवाले के आगे दूसरा फेरीवाला फूल-माला या खिलौने बेचता है और उसके आगे अव्यवस्थित पार्विंâग होती है। सोचने की बात यह है कि आम जनता और वाहनों के चलने के लिए जगह कहां है? ९० फीट चौड़ी सड़क पर मुश्किल से ३० फीट की जगह ही खाली है। यही कारण है कि ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है।
ट्रैफिक पुलिस नदारद
एक और गंभीर समस्या यह है कि ट्रैफिक पुलिस अब सड़कों पर नजर ही नहीं आती। तकनीक के नाम पर सिर्फ कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन इनसे कोई खास असर नहीं दिखता। लोग सिग्नल पर रुकने की जहमत नहीं उठाते और रेड सिग्नल के दौरान भी जल्दबाजी में निकलने का प्रयास करते हैं।
तीन बार रुकना पड़ता है
पूरे एमएमआर रीजन में ट्रैफिक सिग्नलों की हालत इतनी खराब हो गई है कि एक सिग्नल पार करने में तीन बार रुकना पड़ता है। जगह-जगह निर्माणों के लिए सिग्नल के पास की जगह खोद दी गई है। महीनों से यह काम जारी है, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। इससे ट्रैफिक जाम और परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
दुर्घटना की संभावना
पुलिस की बेरुखी के कारण कई वाहन चालक नियम तोड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। दरअसल, पुलिस अब सिर्फ चालान काटने और वसूली करने में बिजी दिखाई देती है, जबकि ट्रैफिक को व्यवस्थित करने में उनकी कोई दिलचस्पी नजर नहीं आती।

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