४३६ करोड़ कर्ज की गारंटी का लिया निर्णय
सामना संवाददाता / मुंबई
‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुजाने’ यह कहावत महायुति सरकार पर सटीक बैठती है। राज्य की आर्थिक हालत खराब है। सरकार कर्ज के बोझ तले दबी हुई है। इन सबके बावजूद भाजपा नेताओं के लिए महायुति सरकार ने खजाना खोल दिया है। सरकार ने भाजपा नेताओं से जुड़ी चीनी मिलों के लिए ४३६ करोड़ रुपए कर्ज देने का निर्णय लिया है। यानी कर्ज की गारंटी लेने का निर्णय लिया है। इससे राज्य सरकार पर कर्ज का बोझ और बढ़ने की संभावना है।
सरकार ने नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) से ४३६ करोड़ रुपए का लोन लेने की बात कही है। यह लोन दो सहकारी चीनी मिलों को दिया जाएगा। इन मिलों का संबंध भाजपा के नेताओं से है। इनमें राज्य के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील भी शामिल हैं। इसकी गारंटी सरकार लेगी। यह निर्णय वैâबिनेट की एक उप-समिति ने लिया। इस समिति के अध्यक्ष राज्य के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटील हैं। १८ फरवरी को हुई एक बैठक में उप-समिति ने पद्मश्री डॉ. विट्ठलराव विखे पाटील सहकारी चीनी मिल को २९६ करोड़ रुपए का लोन देने का पैâसला किया। यह चीनी मिल जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील से जुड़ी है। इसी प्रकार मकाई सहकारी चीनी मिल को १४० करोड़ रुपए का मार्जिन मनी लोन देने की बात कही गई। यह चीनी मिल सोलापुर जिले के करमाला तालुका में है। इस मिल का संबंध भाजपा नेता रश्मि बागल से है। रश्मि बागल पूर्व मंत्री दिगंबर बागल की बेटी हैं। यह दोनों लोन आठ साल के लिए दिए जाएंगे। इसमें दो साल तक कोई किश्त नहीं देनी होगी। मार्जिन मनी लोन का मतलब है, मिलों के रोजमर्रा के खर्चों के लिए दिया जाने वाला पैसा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने शेतकारी सहकारी चीनी मिल को लगभग १८ करोड़ रुपए की शेयर पूंजी देने का पैâसला किया है। यह चीनी मिल लातूर जिले के किल्लारी तालुका में है। इस मिल का संबंध भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार से है।