-ग्रामविकास मंत्री के गृह जिले सहित कई अन्य भी हैं पिछड़े
-ना मिल रही मुफ्त बालू, न ही बढ़ा हुआ अनुदान
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
मुख्यमंत्री के १०० दिनों के कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र में गरीबों के १,६०,५४४ मकानों के काम पूरे करने का लक्ष्य रखा गया था। ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे के सतारा जिले सहित राज्य के १५ जिलों में लक्ष्य का सिर्फ ५० फीसदी काम ही पूरा हुआ है। ८० हजार मकानों का काम अभी भी अधूरा है। १०० दिनों के कार्यक्रम में राज्यभर में गरीबों के सिर्फ ७९ हजार मकानों का ही निर्माण पूरा हुआ है। दूसरी ओर आवासों के काम को पूरा करने के लिए महायुति सरकार की ओर से न तो मुफ्त में बालू ही मिल रहा है और न ही बढ़ी हुई अनुदान राशि ही दी जा रही है। इससे मकान को पूरा करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
२.२५ लाख खर्च
जिला दर सूची के अनुसार, २६९ वर्ग फुट के आवासों के निर्माण पर २.२५ लाख रुपए खर्च आता है, पर आवास योजना के लाभार्थियों को सिर्फ १.२० लाख रुपए की ही अनुदान राशि मिल रही है।
सातारा जिला काफी पिछड़ा
महायुति सरकार ने १०० दिन पूरे होने से पहले विभिन्न विभागों को लक्ष्य देकर काम पूरा करने का निर्देश दिया था। सातारा जिले में ९४२ आवासों को बनाने का लक्ष्य था, लेकिन दो अप्रैल तक केवल ४३० ही मकान ही पूरे बन पाए हैं।
नहीं शुरू हुए ३० हजार घर
बालू की नीलामी बंद होने और संशोधित बालू नीति अभी तक अंतिम न होने के कारण बेघर लाभार्थियों को मुफ्त बालू भी नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से पहली किस्त मिलने के बावजूद ३० हजार से अधिक लाभार्थियों ने घर का निर्माण शुरू भी नहीं किया है।
गरीबों के घर का
लक्ष्य अधूरा!
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल को १०० दिन पूरे हो चुके हैं। मगर इस दौरान गरीबों को घर देने का जो लक्ष्य था, उसका आधा भी पूरा नहीं हुआ है। इनमें राज्य के १५ जिलों की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
मिली जानकारी के अनुसार, जिन जिलों में काम अधूरा है, उनमें छत्रपति संभाजी नगर में ४७ फीसदी, सातारा में ४६ फीसदी, चंद्रपुर में ४४ फीसदी, ठाणे में ४३ फीसदी, सोलापुर में ४३ फीसदी, जालना में ३८ फीसदी, पुणे में ३७ फीसदी, कोल्हापुर में ३६ फीसदी, धुले में ३० फीसदी, नासिक में ३० फीसदी, नांदेड़ में २९ फीसदी, अहिल्या नगर में २७ फीसदी, यवतमाल में २५ फीसदी, पालघर में १२ फीसदी, नंदुरबार में ८ फीसदी आवास मुहैया कराए गए हैं।
रोजाना समीक्षा
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से कहा गया है कि राज्य के विभिन्न जिलों में बेघर लाभार्थियों को १०० दिनों में आवास बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत तेजी से काम चल रहा है। जिलों में आवासों को पूरा करने के लिए रोजाना और साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है।