उमेश गुप्ता / वाराणसी
ज्ञानवापी परिसर स्थित मां गौरी श्रृंगार मंदिर आज भक्तों के लिए खोल दिया गया। इस दौरान यहां पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरे साल में सिर्फ एक बार चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन इस मंदिर को खोला जाता है। वर्ष में सिर्फ एक बार ही भक्त यहां पर दर्शन कर सकते हैं।
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित मां गौरी श्रृंगार मंदिर आज भक्तों के लिए खोल दिया गया। इस दौरान यहां पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरे साल में सिर्फ एक बार चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन इस मंदिर को खोला जाता है। वर्ष में सिर्फ एक बार ही भक्त यहां पर दर्शन कर सकते हैं। सत्यनारायण मंदिर गेट और विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 बी से सुबह साढ़े आठ बजे से मंदिर में भक्तों की एंट्री कराई गई। ज्ञानवापी केस में वाद दायर करने वाली 4 महिलाओं और वकील विष्णुशंकर के नेतृत्व में ढेर सारे श्रद्धालुओं द्वारा मां का पूजन-अर्चन किया गया। इस दौरान मंदिर के प्राचीन पत्थरों पर सिंदूर लगाया गया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सैनिकों द्वारा माता श्रृंगार गौरी मंदिर का दर्शन-पूजन किया गया। इसके पूर्व वह मैदागिन टाउन हॉल से एक जुलूस के रूप में ज्ञानवापी पहुंचे। जुलूस का नेतृत्व काशी मंडल प्रभारी विक्रम यादव ने किया।
जुलूस मैदागिन से बुनानाला चौक से होते हुए ज्ञानवापी पहुंचा। काशी विश्वनाथ की जय, बोल बम व जय भवानी के नारे लगाते हुए गेट नंबर 4 से मंदिर में प्रवेश किया तथा माता श्रृंगार गौरी का पूजन करने के साथ ही बाबा विश्वनाथ जी का भी जलाभिषेक किया।
शिवसैनिकों में बचानू विश्वकर्मा, गुलाब सोनकर, राजाराम तिवारी, बबलू साहू, हरिनारायण केशर, चंद्रभान सिंह, प्रेम प्रजापति, अजय पासवान, बाबू पगड़ी, अरून मौर्या, दीपचंद केशरवानी, महफूज अली, संतोष देववंती, सोनू कुमार, राजकुमार प्रजापति, सिंगारू पहलवान, शिवचरन भारती, राहुल भाटिया के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।