मुख्यपृष्ठस्तंभआउट ऑफ पवेलियन : ऊंट, बकरियों के लिए बेटियों का सौदा

आउट ऑफ पवेलियन : ऊंट, बकरियों के लिए बेटियों का सौदा

अमिताभ श्रीवास्तव

यह एक ऐसी खबर है जो दिल दहला सकती है। मजबूरी, गरीबी और भुखमरी व्यक्ति को कुछ भी करने पर विवश कर देती है। इस देश के लोग शादी के नाम पर अपनी नाबालिग बेटियां बेचने को मजबूर हैं क्योंकि पीने को पानी और खाने को भोजन नहीं है। आप इस खबर से कम से कम इतना अवश्य करें कि पानी बचा लें। बहरहाल, अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक केन्या के मार्साबित क्षेत्र में सूखे की वजह से पानी और खाने की भयंकर कमी हो गई है। महिलाओं को पानी लाने के लिए कई घंटे चलना पड़ता है, लेकिन पानी का स्रोत भी सूख चुका है। इस इलाके में लोग अपने मवेशियों की मौत से टूट चुके हैं और अब वे अपने परिवार को बचाने के लिए अपनी बेटियों की शादी ऊंट और बकरियों के बदले करने को मजबूर हैं। लड़कियों की छोटी उम्र में शादी कर दी जाती है और जल्द ही वे बच्चों की मां बन जाती हैं जिससे उनकी जिंदगी और कठिन हो जाती है। स्थानीय संगठनों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन ने सिर्फ आर्थिक संकट नहीं बढ़ाया, बल्कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को भी बढ़ावा दिया है। चूंकि महिलाएं और लड़कियां दूर-दराज के इलाकों में पानी और चारा ढूंढने जाती हैं इसलिए वे यौन शोषण और हिंसा का शिकार हो रही हैं। एक १५ साल की बच्ची को उसके माता-पिता ने एक अनजान व्यक्ति से शादी करने पर मजबूर किया क्योंकि परिवार को जीवित रहने के लिए ऊंट-बकरियों की जरूरत थी। शादी के बाद उसे हिंसा भी सहनी पड़ी। ऐसे कई उदाहरण हैं।

कीलों पर लेटकर मां की आराधना!
इसे अंधविश्वास कह लें या फिर तपस्या, वो नुकीली कीलों के झूले पर लेटा है। जी हां, सागर के ग्राम चांदपुर में कमलेश कुर्मी नामक एक युवक माता दुर्गा की अनोखी साधना कर रहा है। वो कीलों के झूले पर लेटकर शरीर पर जवारे लगाए हुए है और नौ दिनों तक इसी अवस्था में माता की आराधना करेगा। कमलेश ने माता की कठोर तपस्या के लिए २० दिन पहले अन्न त्याग दिया था। भक्त कमलेश के भाई के अनुसार वो पिछले चार सालों से माता की कठोर साधना कर रहा है और उसकी इस अनूठी आराधना को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। नवरात्रि के १०वें दिन जवारों के विसर्जन के साथ ही उसकी तपस्या पूरी होगी। बता दें कि भक्त कमलेश ने मां की आराधना के लिए कठोर व्रत लिया है। उन्होंने चांदपुर निवासी अपने गुरुभाई के घर पर कील लगे झूले पर लेटकर शरीर पर जवारे लगाए हैं। साथ ही वह अपने पास विराजमान मां दुर्गा की भी पूजा कर रहे हैं। वह नवरात्रि के पहले दिन से कील लगे झूले पर लेटे हैं। कमलेश की भक्ति को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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