एजेंसी / इस्लामाबाद
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने अब नया पैंतरा चला है। पाकिस्तान ने भारत, अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तीनों देश मिलकर हमारे परमाणु कार्यक्रम पर बमबारी करने की योजना बना रहे हैं। वरिष्ठ पाक राजनयिक ने चौंकानेवाला दावा करते हुए कहा कि पाकिस्तान की परमाणु शक्ति खतरे में है। भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त के रूप में काम कर चुके पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक अब्दुल बासित ने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में गंभीर दावे किए हैं।
हाल ही में वरिष्ठ राजनयिक ने उन दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। उसी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को विकृत नहीं किया जा सकता है। यहां वे सभी विवरण दिए गए हैं, जिन्हें आपको जानना आवश्यक है। अमेरिका और इजरायल पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर बमबारी करने की योजना बना रहे हैं। कुछ रिपोर्टों ने पहले दावा किया था कि भारत, इजरायल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर बमबारी करने की योजना बना रहे हैं। दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, राजनयिक ने दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में ये सभी बातें होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी देश पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को नहीं रोक सकता।
अफगानिस्तान में ट्रंप चाहते हैं एयरबेस
डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान से बगराम एयरबेस मांगा है। इस पर पाकिस्तानी कह रहे हैं कि अमेरिका पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर नजर रखने के लिए इस बेस को चाहता है। बासित के मुताबिक, दूसरे देश के परमाणु हथियारों पर नजर रखना कोई नई बात नहीं है। अमेरिका, भारत और इजरायल की कोशिश पाकिस्तानी परमाणु हथियारों पर रहती है। पाकिस्तान भी ये ध्यान रखता है कि दूसरे देशों के पास किस तरह के परमाणु हथियार हैं।
नहीं चाहते कि पाक के पास परमाणु बम हो
ऐसी कई अफवाहें हैं कि डोनाल्ड ट्रंप अब पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर देंगे। यह सच है कि अमेरिका, इजरायल और भारत जैसे देश नहीं चाहते कि पाकिस्तान के पास परमाणु बम हो। इस्लामिक देशों में पाकिस्तान एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न देश है और यह बात कई देशों को परेशान कर रही है।