सामना संवाददाता / उल्हासनगर
उल्हासनगर के म्हारल गांव के समीप स्थित मनपा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में काम करनेवाले एक सुरक्षारक्षक ने सुसाइड कर लिया। बताया जाता है कि उसे पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिला था। जिसके बाद उसने घरेलू खर्च के लिए कर्ज लिया था। कर्जदार उससे अपना पैसा वापस करने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे, इससे रसुरक्षा रक्षक ने अपने परेशान होकर सुरक्षारक्षक ने फांसी लगा ली। उल्हासनगर में अधिकांश ठेके प्रथा से काम करने वाले कामगारों की ऐसी ही दशा है। उल्हासनगर मनपा के कई विभागों में ठेकेदारी प्रथा से कामकाज शुरू है। मनपा के कई विभागों में काम करनेवाले कर्मियों को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके लिए कांग्रेस की पूर्व नगरसेविका अंजली साल्वे ने मनपा के उपायुक्त
डॉ. सुभाष जाधव व कर विभाग के प्रमुख जेठानंद करमचंदानी को ज्ञापन देकर जल्द से जल्द बकाया वेतन दिलवाने की मांग की।