मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : शाहनवाज का पत्ता कटा

झांकी : शाहनवाज का पत्ता कटा

अजय भट्टाचार्य

बिहार और उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव होने वाला है। इसे लेकर दोनों राज्यों के उम्मीदवारों की सूची भी भाजपा जारी कर चुकी है। साथ ही झारखंड की राज्यसभा सीट के लिए डॉ. प्रदीप वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया गया है। विधान परिषद की सूची में उप्र से न तो मोहसिन रजा का नाम है और न ही बिहार से शाहनवाज हुसैन का। भाजपा ने बिहार एमएलसी के लिए मंगल पाण्डेय, डॉ. लाल मोहन गुप्ता और अनामिका सिंह को उम्मीदवार घोषित किया। उत्तर प्रदेश में सात उम्मीदवार विजय बहादुर पाठक, डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, अशोक कटारिया, मोहित बेनीवाल, धर्मेंद्र सिंह, रामतीरथ सिंघम और संतोष सिंह विधान परिषद भेजे जाएंगे। वाराणसी के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह पहली बार एमएलसी बनेंगे। वे योगी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। पार्टी ने मोहसिन रजा को टिकट नहीं दिया। वे योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री भी रह चुके हैं और इस वक्त यूपी राज्य हज समिति के अध्यक्ष हैं। भाजपा की लिस्ट में बुक्कल नवाब, यशवंत सिंह, अशोक धवन के नाम भी नहीं हैं। बिहार में विधान परिषद की ११ सीटें खाली हैं, जिनमें से भाजपा के पास तीन सीटें हैं। भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन का एमएलसी कार्यकाल मई में खत्म होने वाला है, लेकिन पार्टी ने इस बार उनका पत्ता काट दिया। वे बिहार के पूर्व उद्योग मंत्री रह चुके हैं। साथ ही इस वक्त शाहनवाज हुसैन भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं।
हरियाणा में भाजपा को झटका
आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा को झटका देते हुए हरियाणा के हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। कल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने `मजबूर राजनीतिक कारणों’ का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा की। इसके बाद बृजेंद्र सिंह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। एक्स पर अपने इस्तीफे की घोषणा करने के तुरंत बाद भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पहुंचे और विपक्षी दल में शामिल हो गए। हिसार के सांसद ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को हिसार के सांसद के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, ‘मैंने मजबूर राजनीतिक कारणों से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मैं पार्टी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार व्यक्त करता हूं। सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने मुझे हिसार के संसद सदस्य के रूप में सेवा करने का अवसर दिया। खबर है बृजेंद्र सिंह ने लोकसभा चुनाव २०२४ का टिकट कटने की संभावनाओं के चलते भाजपा छोड़ने का पैâसला लिया है। भाजपा ने हरियाणा के ६ उम्मीदवारों के नाम फाइनल किए हैं और जानकारी सामने आई है कि इसमें बृजेंद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह दोनों का नाम नहीं है।
मऊ का अखाड़ा
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के दो मंत्रियों ओमप्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान में वर्चस्व की लड़ाई छिड़ी हुई है। दोनों एक ही जिले और संसदीय सीट पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। लिहाजा, अब दोनों आमने-सामने आ गए हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मंत्री ओम प्रकाश राजभर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे कह रहे हैं कि किसी थाने पर जाओ तो पीला गमछा गले में लगाकर जाओ। पुलिस को तुम्हारी शक्ल में ओम प्रकाश राजभर नजर आएगा। यह है पावर। दारोगा जी को जाकर बता देना कि मंत्री जी भेजे हैं। दारोगा जी के पास इतनी पावर तो है नहीं कि मंत्री को फोन करें और पूछें कि आपने भेजा है कि नहीं। यहां तक कि एसपी और डीएम के पास भी पावर नहीं है कि वे हमसे पूछे कि आपने भेजा है कि नहीं। राजभर यह बताना नहीं भूले कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद हमारे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल थे। राजभर के इस बयान पर दारा सिंह चौहान ने पलटवार किया कि इस देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उप्र में योगी की ताकत है। प्रदेश के मंत्रिमंडल में जब किसी का शपथ होता है तो मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होता है। शपथ दिलाने का काम राज्यपाल का होता है। शपथ ग्रहण समारोह में योगी का उपस्थित रहना कोई आश्चर्य नहीं है। मऊ जिले में चौहान और राजभर आबादी ज्यादा है इसलिए यहां पर इनका नेता बनने के लिए राजनेताओं में रस्साकशी होती रहती है। राजभर ने २०२३ में घोसी उपचुनाव में विश्वास दिलाया था कि दारा सिंह की जीत होगी, लेकिन उनके हारने के बाद यह विश्वास डगमगा गया। दारा सिंह अपनी खोई हुई सियासी जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

अन्य समाचार