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२५ अप्रैल तक परीक्षाएं होने से शिक्षकों में असंतोष …टीचरों की प्लानिंग पर फिरा पानी

– ‘टूर प्रोग्राम’ का बिगड़ रहा गणित
सामना संवाददाता / मुंबई
अप्रैल के दूसरे सप्ताह से लेकर मई के अंत तक राज्य के असंख्य शिक्षक विभिन्न पर्यटन योजनाएं बनाते हैं। कई शिक्षक संगठन इसके लिए ग्रुप बनाकर पहले से ही प्लानिंग कर चुके होते हैं, लेकिन राज्य शैक्षणिक व अनुसंधान परिषद द्वारा १ से लेकर ९वीं कक्षा तक की परीक्षाएं ८ से २५ अप्रैल के बीच आयोजित करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस वजह से शिक्षकों को महीनों पहले से बनाए गए टूर प्रोग्राम का गणित बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई है। अब देखना यह है कि शिक्षक संगठन और सरकार इस मुद्दे पर किस तरह का समाधान निकालते हैं।
उल्लेखनीय है कि हर साल की गर्मी की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए राज्य के कई शिक्षक शिमला, मनाली, नेपाल, केरल, तमिलनाडु जैसे पर्यटन स्थलों के साथ-साथ चारधाम, काशी, मथुरा और अन्य धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों पर जाने की योजना बनाते हैं। इसके लिए कई निजी ट्रैवल कंपनियों से बुकिंग भी कराई जाती है, लेकिन इस साल राज्य शैक्षणिक परिषद द्वारा स्कूलों में ८ से २५ अप्रैल तक परीक्षाएं आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बाद शिक्षकों और स्कूल संगठनों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। कुछ स्कूलों ने इन आदेशों को गलत बताते हुए प्रधानाध्यापकों के कानूनी अधिकारों का उपयोग करके अपने स्तर पर परीक्षा कार्यक्रम तय किया है।
परीक्षाओं के कारण यात्रा योजनाओं पर असर
मुंबई, पुणे, नागपुर सहित राज्य के सरकारी और अनुदानित स्कूलों के हजारों शिक्षकों ने इस साल भी पहले की तरह अपनी ट्रिप प्लानिंग कर ली थी, लेकिन अगर उनके स्कूलों में पहली से नौवीं कक्षा तक की परीक्षाएं २५ अप्रैल तक चलती हैं और उसके तुरंत बाद उत्तरपत्रिकाओं का मूल्यांकन शुरू होता है तो कई शिक्षकों की यात्रा योजनाएं धरी की धरी रह जाएंगी।

…तो आएगा अतिरिक्त खर्च
शिक्षक आशंका जता रहे हैं कि इससे उनकी प्लानिंग बिगड़ जाएगी और मई में दोबारा नई योजना बनाने के लिए अतिरिक्त खर्च आएगा। कुछ शिक्षक संगठनों ने १० अप्रैल तक परीक्षाएं समाप्त करके जल्दी छुट्टियों का आनंद लेने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर राज्य के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते तापमान को देखते हुए २५ अप्रैल तक परीक्षाएं आयोजित करने के निर्णय का विरोध भी जारी है, जिसे उचित बताया जा रहा है।

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