-स्वप्निल महिंद्रकर ने लगाया आरोप
– मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर की जांच की मांग
सामना संवाददाता / मुंबई
ठाणे मनपा के मल:निस्सारण विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर घोटाला किए जाने का आरोप स्वप्निल महिंद्रकर नामक व्यक्ति ने लगाया है। इस संबंध में मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर नाली निर्माण के टेंडर में हुए घोटाले की जांच की मांग की है। हालांकि उक्त टेंडर घोटाले के संदर्भ में सीवरेज विभाग के कार्यकारी अभियंता एम. एल. वाड से संपर्क किया गया, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। बताया जाता है कि ठाणे मनपा ने सितंबर और अक्टूबर में बुनियादी सुविधा विकास योजना के तहत लगभग १७५ करोड़ रुपए के नालों के निर्माण के लिए निविदाएं जारी की थीं। सरकारी धन से होने वाले इन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ठेकेदारों की नियुक्ति की गई। आरोप है कि ठेकेदार ने ठेका पाने के लिए निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता का उल्लंघन करते हुए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया है। मनपा के माजीवाड़ा-मानपाड़ा, वर्तक नगर, वागले, कलवा, दिवा और मुंब्रा क्षेत्रों में नालियों के निर्माण के लिए निविदाएं जारी की गई थीं। इस प्रक्रिया में शामिल ठेकेदार ने फर्जी दस्तावेज जमा किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि मनपा अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप यह भी लगाया गया है कि इस ठेकेदार को दूसरे बड़े काम भी दिए गए हैं। इस बीच पिछले पांच साल से यह ठेकेदार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मनपा में करोड़ों रुपए के काम करा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि अन्य ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर मनपा को चूना लगाया जा रहा है और मनपा के अधिकारियों द्वारा ठेकेदार के दस्तावेजों की सही से जांच नहीं करने के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।