मुख्यपृष्ठनए समाचारश्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले की अगली सुनवाई 6 मई को

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले की अगली सुनवाई 6 मई को

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर का केस लड़ रहे पक्षकार दिनेश फलाहारी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से ईदगाह मस्जिद को हटाने वाले केस में बुधवार को सुनवाई हुई।न्यायालय में हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ताओं के मध्य में बहस हुई। पिछली तारीख में हिंदू पक्ष के प्रार्थना पत्र पर माननीय न्यायालय में एएसआई को पार्टी बनाया, जिस पर माननीय न्यायालय ने 5,000 रुपए का जुर्माना लगाकर उसको स्वीकार कर लिया। पंडित दिनेश फलाहारी ने बताया कि मुस्लिम पक्ष केवल पूजा उपासना अधिनियम 1991 को आधार बनाकर मामले को लंबा खींचने में लगा हुआ है, जबकि उसके पास कोई भी प्राचीन साक्ष्य मौजूद नहीं है। जिसको वह न्यायालय में दिखा सके। उन्होंने बताया कि मुस्लिम पक्ष अभी तक बिजली चोरी करके ईदगाह में बिजली जला रहा था, लेकिन हिंदू पक्ष की शिकायत पर बिजली चोरी पकड़ेगी और और ईदगाह कमेटी पर 3 लाख रुपए का जुर्माना हुआ था। उन्होंने बताया कि मुस्लिम पक्ष के पास में कोई भी ऐसा प्राचीन साक्ष्य नहीं है, जिससे वह यह कह सके की मस्जिद पहले बनी थी। लेकिन हिंदू पक्ष के पास बहुत ही प्राचीन साक्ष्य मौजूद हैं और उनकी प्रतिलिपि वह न्यायालय में जमा कर चुके हैं। आज हिंदू पक्ष की तरफ से राधे रानी को पार्टी बनाने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया। जिस पर माननीय न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है, अगली सुनवाई के लिए 6 मई की डेट लगा दिया है।

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