राधेश्याम सिंह / वसई
मोबाइल फोन पर गेम खेलने की लत बच्चों के भविष्य के साथ ही साथ उनकी जिंदगी पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। नालासोपारा में रहने वाले 20 वर्षीय युवक को मोबाइल गेम खेलने की लत थी।
उसके परिवार वाले ने पुलिस को बताया है कि गेम की लत के कारण डिप्रेशन में आकर उसने किचन में पंखे से लटकर कर आत्महत्या कर ली। वहीं पिछले हफ्ते विरार में 12 वर्षीय लड़के ने इसलिए आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसकी मां ने उसे मोबाइल फोन नहीं दिलाया था। नालोसापारा-पूर्व के तुलिंज स्थित सैहारी अपार्टमेंट में आर्यन सिंह (20) नामक युवक अपने मामा-मामी के साथ रहता था। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का रहने वाला है। उसके माता-पिता गांव में हैं, जबकि आर्यन पढ़ाई के लिए नालोसापारा में अपने मामा के पास रह रहा था। जब घर पर कोई नहीं था, तो उसने किचन के पंखे से साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। इसकी जानकारी होने के बाद उसके परिवार के लोग मनपा के अस्पताल में ले गए, जहा डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक ने आत्महत्या से पहले इंग्लिश में नोट लिखकर फ्रिज पर रखा था। उसने इस नोट में लिखा था कि मैं जिंदगी से थक चुका हूं। मेरे आत्महत्या के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। आर्यन कांदिवली के ठाकुर कॉलेज में 14वीं कक्षा में पढ़ता था। आर्यन मोबाइल गेम का आदी था। लगातार मोबाइल गेम खेलने की वजह से वह डिप्रेशन में था, ऐसा आर्यन के मामा शत्रुघ्न सिंह ने तुलिंज पुलिस को बताया। तुलिंज पुलिस स्टेशन के जांचकर्ता कदम ने बताया कि इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है।
एक सप्ताह में दूसरी आत्महत्या
पिछले हफ़्ते विरार के उंबरगोठण में रहने वाले 12 वर्षीय लड़के ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह लगातार अपने मोबाइल फोन पर गेम खेलता था। मृतक कक्षा 6वीं में पढ़ता था। उसकी मां ने उसे पढ़ाई न करने और मोबाइल फोन पर गेम नहीं खेलने को लेकर डांटा था। जब उसकी मां ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया तो उसने आत्महत्या कर ली। स्कूल और कॉलेज के छात्रों मोबाइल फोन पर गेम खेलने के कारण डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करने वालों की संख्या बढ़ रही है।