-“एक ऐसा शहर, जहां चलना बने खुशी और सेहत का सफर!”
सामना संवाददाता / मुंबई
आधुनिक शहरों में पैदल चलना अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक जरूरत बन गया है। शहरी जीवन की आपाधापी में पैदल चलने की सहूलियत और सुरक्षा हमारे स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकती है। इसी संकल्पना को साकार करने के लिए ‘वॉकएबल सिटीज मुंबई कॉन्क्लेव 2025’ का आयोजन 4 अप्रैल 2025 को रंगस्वर ऑडिटोरियम, वाई.बी. चव्हाण सेंटर, मुंबई में किया जा रहा है।
यह कॉन्क्लेव क्यों है खास?
शहर को पैदल चलने योग्य बनाने पर विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं की गहन चर्चा, सुरक्षित, सुगम और हरित सड़कों की ओर एक बड़ा कदम, पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने पर विशेष संवाद होने वाला है और नागरिकों की भागीदारी और सुझावों का स्वागत किया जाएगा। इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि राहुल नार्वेकर-अध्यक्ष महाराष्ट्र विधानसभा, आशिष शेलार–मंत्री, आईटी, सांस्कृतिक कार्य और मुंबई उपनगर के संरक्षक मंत्री, भूषण गगरानी–आयुक्त मनपा, शायना एन.सी.–उद्यमी व समाजसेवी, पाशा पटेल– पर्यावरण और सतत विकास टास्क फोर्स सदस्य, मिक्की मेहता–फिट इंडिया मूवमेंट एंबेसडर, अनिल कुंभारे–संयुक्त पुलिस आयुक्त, यातायात। इस आयोजन में प्रमुख पैनलिस्ट्स आर्किटेक्ट पंकज जोशी–प्रिंसिपल डायरेक्टर, अर्बन सेंटर मुंबई, सविता राव– लेखक व संस्थापक, इंडिया पॉजिटिव सिटीजन, धवल अशर–प्रमुख, सतत शहर एवं परिवहन नीति, स्मृति कोप्पीकर–संस्थापक संपादक, क्वेश्चन ऑफ सिटीज, डॉ. भाविन झंकारिया–एमबीबीएस, एमडी रेडियोलॉजी, आर्किटेक्ट, झोहरा मुतबन्ना–संस्थापक, 20 क्राय प्लानिंग कंसल्टेंसी, आर्किटेक्ट, प्रणव नाईक–संस्थापक, स्टूडियो पोमेग्रेनेट, डॉ. रतूला कुंडू–शहरी नियोजन विशेषज। यह कॉन्क्लेव मुंबई और मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को पैदल चलने के लिए अधिक अनुकूल बनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसमें शहरी नियोजन, सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट और पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े़ महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। छात्रों, शहरी योजनाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए यह एक सुनहरा अवसर होगा कि वे विशेषज्ञों से सीखें और अपनी राय साझा करें। अपने शहर को वॉक फ्रेंडली बनाने के लिए 4 अप्रैल को दोपहर 2.30 से शाम 6 बजे तक स्थान: रंगस्वर ऑडिटोरियम, वाय. बी. चव्हाण सेंटर, में होने वाला है। इसलिए “चलिए मिलकर ऐसा शहर बनाएं, जहां हर कदम सेहत, खुशी और सुरक्षा की ओर बढ़े!” ऐसा आवाहन श्रीकांत कुवलेकर ने किया है।