सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई का महत्व कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा शहर की महत्वपूर्ण जमीन बिल्डर-ठेकेदार की झोली में डालने की साजिश चल रही है। अब तो कोस्टल रोड के आस-पास की खुली जमीन भी बिल्डरों को दहेज में देने की कोशिश शुरू हो गई है। लेकिन कोस्टल रोड के आस-पास की कोई भी खाली जमीन बिल्डरों की झोली में नहीं डालने देंगे। इस तरह का चेतावनी भरा तीखा हमला कल सरकार पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने किया।
घाती-भाजपा सरकार के कार्यकाल से ही मुंबई की महत्वपूर्ण जमीन बिल्डरों, दलालों और ठेकेदार मित्रों की झोली में डालने का सिलसिला चल रहा है। अब तो कोस्टल रोड की जमीन पर भी सरकार की निगाहें टिक गई हैं। इस बारे में आदित्य ठाकरे ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करके सरकार की इस साजिश को उजागर किया है। आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह जमीन मुंबईकरों के हक की है, इसे बिल्डरों और दलालों को नहीं दिया जाएगा।
खुली जमीन पर मुंबईकरों का हक
मुंबई की खुली जमीन पर सिर्फ मुंबईकरों का हक है। इसलिए यह जमीन मनपा के कब्जे में ही रहनी चाहिए, ताकि इसका इस्तेमाल मुंबईवासियों के लिए किया जा सके। इन जगहों पर मुंबईकरों के लिए मैदान बनाए जाएंगे, पेड़ लगाए जाएंगे। इसकी योजना मुंबईकरों ने ही बनाई है। कोस्टल रोड में बनने वाली खाली जमीन को कुछ बिल्डर हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह की विश्वसनीय जानकारी सामने आई है। लेकिन हम मुंबईकर इन जमीनों को दलालों के हाथों में नहीं जाने देंगे।