शुरू किया प्रतिबंधात्मक उपाय
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में जीका वायरस के घुसने से राज्य स्वास्थ्य विभाग के होश उड़ गए हैं। बताया गया है कि पुणे के एरडवणा परिसर में एक डॉक्टर और उसकी बेटी इस वायरस से संक्रमित मिले हैं। दोनों में बुखार और शरीर पर लाल चकत्ते जैसे सामान्य लक्षण दिखाई दिए हैं। फिलहाल, इनका इलाज चल रहा है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रतिबंधात्मक उपाय शुरू कर दिए गए हैं। साथ ही उनके संपर्क में आए अन्य व्यक्तियों में अभी तक कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए हैं। हालांकि, उन सभी पर बारीकी से नजर रखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के पुणे में इस साल शहर में पहली बार जीका के मरीज सामने आए हैं। शहर में स्थित एरंडवणा के एक ४६ वर्षीया डॉक्टर और उनकी १५ वर्षीय बेटी जीका से संक्रमित हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सबसे पहले डॉक्टर में बुखार और शरीर पर लाल धब्बे के लक्षण दिखे। ऐसे में एक डॉक्टर होने के नाते१८ जून को अपने खून का नमूना नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में परीक्षण के लिए भेजा था। इसके बाद उनकी २० जून को रिपोर्ट मिली, जिसमें जीका से संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद संबंधित मरीज की बेटी में जीका के हल्के लक्षण दिखाई देने लगे। उसके रक्त का नमूना २१ जून को परीक्षण के लिए भेजा गया था। उसमें भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। फिलहाल, दोनों का इलाज चल रहा है। पुणे मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने इन दोनों मरीजों के संपर्क में आए हुए लोगों की जांच की है। फिलहाल, अभी तक संपर्क में आए व्यक्तियों में जीका के कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं।
दवा का शुरू हुआ छिड़काव
जीका एडीज एजिप्टी मच्छर के कारण होता है। इसलिए पुणे मनपा स्वास्थ्य विभाग ने जहां मरीज मिले हैं, वहां उस क्षेत्र में दवा का छिड़काव शुरू कर दिया है। साथ ही मच्छरों के पनपने के स्थानों को ढूंढ़कर उन्हें नष्ट किया जा रहा है। इतना ही नहीं इलाके के घरों में सर्वे भी कराया जा रहा है। इसमें बुखार के मरीज मिलने पर उन्हें प्राथमिक उपचार देकर उनके रक्त के नमूने लिए जा रहे हैं।
इस बात का रखें ध्यान
चिकित्सकों के मुताबिक, ध्यान रखें कि घर के आस पास पानी जमा न हो और उसमें मच्छर न पनपें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। दिन के समय भी मच्छर भगाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।